कोटद्वार भाबर के जशोधरपुर इंडस्ट्रियल एरिया में फैक्ट्रियों के निरीक्षण को पहुंची टीम को ज्ञाप?
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क्षेत्रीय पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड देहरादून की टीम ने मंगलवार को जशोधरपुर इंडस्ट्रियल एरिया स्थित स्ट्रील फैक्ट्रियों की चेकिंग की। इस दौरान भनक लगते ही स्थानीय लोग इंडस्ट्रियल एरिया पहुंचे और टीम का घेराव किया। इसके बाद उन्होंने टीम को फैक्ट्रियों की ओर से चिमनियों का प्रयोग न कर क्षेत्र में फैलाए जा रहे धुएं समेत अन्य खामियों को दिखा कार्रवाई की मांग की। इस मौके पर लोगों ने अधिकारियों को ज्ञापन भी सौंपा।
क्षेत्रीय पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड देहरादून के सहायक पर्यावरणीय अभियंता राकेश कंडारी व वैज्ञानिक एसएस चौहान के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम मंगलवार को जशोधरपुर इंडस्ट्रियल एरिया पहुंची। टीम को चार फैक्ट्रियों के खिलाफ शिकायत मिली थी। टीम के पहुंचने की भनक लगते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और टीम का घेराव किया। लोग टीम को फैक्ट्रियों में ले गए। लोगों का आरोप है कि फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से फैक्ट्री में लगी चिमनियों का प्रयोग नहीं किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में फैक्ट्रियों का धुआं फैल जाता है और इससे पर्यावरण को लगातार नुकसान पहुंच रहा है। स्टील फैक्ट्रियों में स्लैग (लोहे का कचरा) के निस्तारण की भी उचित व्यवस्था भी नहीं है। फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से नियम विरुद्ध स्लैग को मशीनों की ओर से कूटकर दोबारा प्रयोग में लाया जा रहा है, जिससे ज्यादा प्रदूषण फैल रहा है। पर्यावरणीय वैज्ञानिक एसएस चौहान ने बताया कि फैक्ट्रियों की ओर से मानकों के विपरीत स्लैग पीसने की शिकायत मिली थी। निरीक्षण के दौरान टीम ने क्षेत्र में प्रदूषण के स्तर की जांच की। साथ ही मानकों के विपरीत फैक्ट्रियों में हो रहे कार्यों के सैंपल भरे। कहा कि लैब में परीक्षण के बाद टीम अपनी जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपेगी। टीम में सहायक वैज्ञानिक रवींद्र पुंडीर व अनुश्रवण सहायक दीपेंद्र भट्ट शामिल रहे। टीम का घेराव करने वालों में रितेश बडोला, मनवर सिंह रावत, प्रेम बल्लभ लखेड़ा, उत्तम नेगी, रमेश चंद्र बहुखंडी, चंडी प्रसाद डबराल और हिमांशु आदि मौजूद रहे।