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थलीसैंण, दमदेवल और पोखड़ा में बढ़ी गुलदार की दहशत

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गढ़वाल वन प्रभाग के थलीसैंण, दमदेवल और उससे सटे पोखड़ा रेंज में गुलदार की दहशत बढ़ती जा रही है। दोनों रेंज के सर्वाधिक प्रभावित 20-25 किमी. इलाके के लगभग दो दर्जन गांवों में तीन वर्षों में गुलदार के हमलों में अब तक पांच से अधिक लोग अपनी जान गवां चुके हैं और आठ लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। अब द्वारीखाल ब्लाक से सटे गढ़वाल वन प्रभाग के पौड़ी रेंज के जंगलों और गांवों में गुलदार की चहलकदमी से लोगों में दहशत बढ़ गई है।
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गढ़वाल वन प्रभाग के दमदेवल रेंज के नौल्यूं, डबरा, सुंदरई, कुई, मजगांव, किमगडी, किलबास, लोदीगांव और पोखड़ा रेंज के देवकुंडई तल्ली, देवकुंडई मल्ली, भैंसवाड़ा समेत 2 दर्जन से अधिक गांवों में बारह महीने गुलदार का खौफ बना रहता है। इनमें से अधिकांश गांवों के लोग गुलदार के खौफ से शाम ढलते ही घरों में कैद होने को मजबूर हो रहे हैं। जून के तीसरे सप्ताह में गुलदार बीरोंखाल तहसील क्षेत्र के थलीसैंण रेंज में पड़ने वाले भैंस्वाड़ा गांव में 38 वर्षीय व्यक्ति की जान ले चुका है। भैंस्वाड़ा में सक्रिय गुलदार को वन विभाग ने पिंजरे में कैद कर अन्यत्र शिफ्ट कर दिया है। जबकि बीरोंखाल और पोखड़ा के गांवों में गुलदार की सक्रियता अब भी बरकरार है। द्वारीखाल के ब्लाक प्रमुख महेंद्र सिंह राणा ने बताया कि क्षेत्रवासियों में इस घटना के बाद से आक्रोश बना हुआ है। मुख्यमंत्री के देहरादून लौटते ही वह नौगांव के बागी में हुए गुलदार के हमले में युवक पृथ्वीचंद की मौत के मामले में बात करेंगे।
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