कालागढ़ टाइगर रिजर्व वन प्रभाग (केटीआर) के कार्यालय को कोटद्वार से चलाने के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों का धरना-प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारियों ने भाजपा सरकार पर लैंसडौन के वजूद को समाप्त करने का आरोप लगाया।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि सात महीने से केटीआर का दफ्तर कोटद्वार से चल रहा है। केटीआर मुख्यालय को मात्र एक चतुर्थ श्रेणी कर्मी और एक कार्मिक के भरोसे छोड़ दिया गया है। कांग्रेसियों ने कहा कि लैंसडौन क्षेत्र के सभी संगठन केटीआर के कार्यालय को लैंसडौन से ही संचालित करने की मांग कर रहे हैं। ब्लाक प्रमुख दीपक भंडारी ने कहा कि बिना शासनादेश के एक अधिकारी आखिर कैसे कार्यालय का सामान कोटद्वार ले गया, यह हैरानी का विषय है। महिपाल सिंह ने कहा कि यदि तीन दिन के अंदर कार्यालय लैंसडौन वापस नहीं लाया गया, तो आंदोलन तेज कर दिया जाएगा।
धरना देने वालों में ब्लाक प्रमुख दीपक भंडारी, कांग्रेस के नगराध्यक्ष महिपाल रावत, अनूप कन्नौजिया, जलेथा के प्रधान जीतेंद्र सिंह, मधुसूदन राउडी आदि शामिल थे। आंदोलन को बूथा सिंह कंडारी, संजय नेगी, कुलदीप सिंह, शमीम अहमद ने समर्थन दिया।