गर्मियां शुरू होती ही जलसंस्थान के ट्यूबवेल जवाब देने लगे हैं, जिसके कारण आए दिन लोग पेयजल किल्लत से जूझ रहे हैं। सिताबपुर के बाद अब ग्रास्टनगंज के ट्यूबवेल की मोटर भी फुंक गई है, जिसके कारण सैकड़ों की आबादी पेयजल संकट झेल रही है। मजबूरी में लोगों को पेयजल टैंकर से काम चलाना पड़ रहा है।
ग्रास्टनंगज ट्यूबवेल से सनेह क्षेत्र के ग्रास्टनगंज, रतनपुर, बिसनपुर और कुंभीचौड़ वार्ड में पेयजल आपूर्ति की जाती है। सोमवार सुबह ट्यूबवेल की मोटर फुंक गई, जिसके कारण क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति ठप हो गई। दो दिन से घर के नलों में पानी नहीं आने से क्षेत्र की सैकड़ों की आबादी पानी के लिए भटक रही है। बार-बार ट्यूबवेल की मोटर फुंक जाने के कारण लोग जलसंस्थान की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। राजेश थपलियाल, राजेंद्र सिंह, महानंद ध्यानी, पंकज कुमार ने कहा कि विभाग की ओर से ट्यूबवेल में देखरेख की कमी के कारण आए दिन सिताबपुर ट्यूबवेल की मोटर फुुंक जाती है। तीन माह पूर्व विभाग ट्यूबवेल की मरम्मत में हजारों रुपये खर्च कर चुका है, फिर भी ट्यूबवेल फुंक चुका है। इस कारण लोगों को हफ्तेभर तक पेयजल किल्लत से जूझना पड़ता है। पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था के नाम पर विभाग एक पानी का टैंकर भेजकर खाना पूर्ति कर देता है, जिससे लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता है। बार-बार शिकायत के बाद भी विभाग अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं ला रहा है। विभाग की लापरवाही का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ता है।
ग्रास्टनगंज के ट्यूबवेल में सोमवार सुबह खराबी आ गई है। दो दिन के अंदर ट्यूबवेल की मरम्मत कर पेयजल आपूर्ति सुचारु कर दी जाएगी। तब तक क्षेत्र में पानी की वैकल्पिक व्यवस्था बनाई जाएगी। - प्रीति, जेई जलसंस्थान कोटद्वार।