दुगड्डा/कोटद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को नगर पालिका दुगड्डा के आजाद पार्क में दीप प्रज्ज्वलित कर तीन दिवसीय शहीद मेले का शुभारंभ किया। कार्यक्रम से पूर्व मुख्यमंत्री ने दुगड्डा में चंद्रशेखर आजाद और उनके सहयोगी क्रांतिकारी स्व. भवानी सिंह रावत, स्व. बलदेव सिंह आर्य की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में शहीदों के योगदान को याद किया। कहा कि उनका साहस और बलिदान हमें देश की सेवा में समर्पण और कर्तव्य का मार्गदर्शन देता है। इस प्रकार के आयोजन हमारे इतिहास और संस्कृति के प्रति युवाओं को जागरूक करते हैं, जिनसे हमें शहीदों के आदर्शों को अपनाने की प्रेरणा मिलती है। मुख्यमंत्री ने क्षेत्रवासियों से शहीदों के योगदान को हमेशा याद रखने और उनके मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी सरकार व राज्य सरकार के नेतृत्व में स्वतंत्रता संग्राम की गौरवशाली गाथाओं का नई पीढ़ी को पुनः स्मरण कराने के लिए पूरे देश में स्मारकों और संग्रहालयों का निर्माण कराया जा रहा है। राज्य में भी ऐसे वीर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, सैनिकों व उनके परिवारों के कल्याण के लिए कई योजनाओं की शुरुआत की गई है। इस कड़ी में उत्तराखंड का पांचवा धाम सैनिक धाम देहरादून के गुनियाल गांव में बनाया जा रहा है। सरकार स्वतंत्रता सेनानियों के आश्रितों को स्वास्थ्य सेवाओं और आवासीय योजना में भी प्राथमिकता दे रही है।
कहा कि उत्तराखंड के मूल अस्तित्व को बनाए रखने के लिए राज्य के भीतर अवैध अतिक्रमण हटाकर पांच हजार हेक्टेयर से भी अधिक जमीन को अतिक्रमणमुक्त किया गया है। भूमि को जिस प्रयोजन के लिए खरीदा गया है, उसका उपयोग उसी प्रयोजन के लिए होना चाहिए। प्रस्तावित भूमि के अन्य उपयोग पर भूमि जब्त करने का अभियान शुरू कर दिया गया है। सरकार ने चार दिन पहले विधानसभा सत्र में सशक्त भू-कानून को पूर्ण बहुमत से पारित किया है, जिससे जमीनों की बंदरबांट नहीं होगी और अनियंत्रित बिक्री पर रोक लगेगी।
आने वाले दिनों में वनाग्नि की समस्या के समाधान के लिए भी प्रशासन द्वारा पूरी तैयारी की जा रही है। उन्होंने जनता से भी अनुरोध किया कि वनाग्नि पर नियंत्रण के लिए प्रशासन का सहयोग करें। जिस भी वन क्षेत्र में आग लगेगी संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। आग लगाने वाले के खिलाफ गंभीर धाराओं में कार्रवाई होगी और आग से हुए नुकसान की भरपाई भी उन्हीं लोगों से की जाएगी। इसके लिए सख्त कानून भी बनाया जाएगा। मानव वन्यजीव संघर्ष और विकास बनाम वन संरक्षण के संबंध में केंद्र सरकार के साथ चर्चा की जाएगी। इससे चुनौतियों का समाधान होगा और जो विकास कार्य नहीं हो पाते हैं वे काम हो सकेंगे। वन्यजीवों के हमलों को लेकर भी जल्द कानून बनाया जाएगा। कार्यक्रम में विधायक रेनू बिष्ट, लैंसडौन के विधायक दिलीप रावत, कोटद्वार के मेयर शैलेंद्र सिंह रावत, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद दुगड्डा शांति बिष्ट, भाजपा जिला अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह रावत, मंडी परिषद के पूर्व अध्यक्ष सुमन कोटनाला, द्वारीखाल के पूर्व ब्लॉक प्रमुख व प्रशासक महेंद्र सिंह राणा, जयहरीखाल के दीपक भंडारी, कल्जीखाल की बीना राणा व नैनीडांडा के प्रशांत कुमार समेत सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।