फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kotdwar: संकट... कण्वाश्रम में कभी भी ध्वस्त हो सकती है 43 गांवों को सिंचाई सुविधा देने वाली मुख्य मालन नहर

Sun, 28 Jul 2024 03:51 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार

सार

2023 में कण्वाश्रम से करीब 3 किमी ऊपर मालन नदी से निकाली गई मुख्य मालन फीडर नहर को बड़े पैमाने पर क्षति पहुंची थी। तब करीब दो माह तक इससे निकलने वाली दांई और बांई मालन नहरों से सिंचाई व्यवस्था ध्वस्त पड़ गई थी।
विज्ञापन
मालन नहर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कोटद्वार भाबर क्षेत्र के 43 गांवों को सिंचाई सुविधा देने वाली मालन मेन फीडर नहर की सालभर बाद भी ठीक ढंग से मरम्मत न होने से इस पर भूकटान व भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा है। भारी बारिश में यह नहर कभी भी ध्वस्त हो सकती है। जिससे भाबर के काश्तकारों के सामने धान की फसल की सिंचाई के लिए पानी का संकट खड़ा हो जाएगा। भाबर के काश्तकारों ने जिला प्रशासन, स्थानीय विधायक व राज्य सरकार से नहर की मरम्मत के लिए धनावंटन की गुहार लगाई है।

विज्ञापन


अगस्त, 2023 में कण्वाश्रम से करीब 3 किमी ऊपर मालन नदी से निकाली गई मुख्य मालन फीडर नहर को बड़े पैमाने पर क्षति पहुंची थी। तब करीब दो माह तक इससे निकलने वाली दांई और बांई मालन नहरों से सिंचाई व्यवस्था ध्वस्त पड़ गई थी। सिंचाई विभाग ने तब आनन फानन करीब 30 मीटर नहर के पैच का नए सिरे से निर्माण कर सिंचाई का पानी किसानों के खेतों तक पहुंचाया, लेकिन नहर में नदी से हो रहे कटान और पहाड़ी से भूस्खलन के खतरे से बचने के लिए स्थायी कार्य नहीं हो सका।

आलम यह है कि कभी भी मालन नहर का करीब 70 मीटर का हिस्सा नदी में समा सकता है। मालिनी किसान पंचायत के अध्यक्ष जेपी बहुखंडी व महासचिव मधुसूदन नेगी ने बताया कि मुख्य मालन नहर को नीचे से जहां मालन नदी से कटाव का खतरा बना हुआ है, वहीं ऊपर से भूस्खलन सक्रिय है। इस बरसात में नहर यदि ढह गई तो 43 गांवों में खेती बाड़ी पर संकट पैदा हो जाएगा। किसानों का कहना है कि पिछली बरसात में भी बजट के अभाव में सिंचाई विभाग ने उधार में काम कराया, जिसके लिए संबंधित ठेकेदार विभाग का चक्कर काट रहा है। 
विज्ञापन


Kotdwar News: कोटद्वार पुलिंडा मार्ग 10 घंटे रहा बाधित, चार अन्य सड़कों पर आवाजाही ठप
विज्ञापन


नहर की सुरक्षा व मरम्मत के लिए 40 लाख का आगणन बनाकर शासन को भेजा गया है। बजट मिलने पर कार्य शुरू कराया जाएगा। फौरी व्यवस्था के तहत दो डेंजर जोन में वायरक्रेट लगाने के निर्देश अधीनस्थों को दिए गए हैं।
- अजय कुमार जॉन, अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड दुगड्डा

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें