कोटद्वार/कालागढ़। कार्बेट टाइगर रिजर्व (सीटीआर) के अंतर्गत कालागढ़ की केंद्रीय कॉलोनी में महिला की मौत के बाद से बाघ की दहशत बनी हुई है। यहां दिन ढलते ही लोग बाघ की दहशत से घरों में कैद हो जा रहे हैं। हाथीशाला के पीछे लगे दो कैमरों में बाघ दिखाई दिया है। जिसके आधार पर बाघ की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।
केंद्रीय कॉलोनी में 31 अगस्त की रात हाइडिल कर्मी नितिन कुमार की 23 वर्षीय पत्नी टीना को बाघ ने हमला कर मार डाला था, जब रात में खाने के बाद वह आंगन में बर्तन धो रही थी। घटना के बाद कई बार बाघ के गुर्राने व दहाड़ने की आवाज सुनाई दे रही है। शाम होते ही यहां के निवासी घरों में कैद होने को मजूबर हैं। रात में चारों ओर गश्ती दलों की टाॅर्च की चमकती रोशनियां व सरकारी वाहनों की आवाजें सुनाई देती हैं। बाघ की दहशत के कारण सुबह सैर सपाटे पर जाने वाले लोगों के कदम भी थम गए हैं। सायंकाल से सुबह तक अघोषित कर्फ्यू जैसे हालात बने हुए हैं। उधर, वन विभाग की टीमें रात भर बाघ को तलाश कर रही हैं। शुक्रवार की रात करीब साढ़े दस बजे रामगंगा बाजार के पीछे के मैदान में अचानक तेजी से चीतल के चीखने चिल्लाने की आवाज आई, जिससे लोग बाघ के आने की आशंका में घबरा गए। शनिवार सुबह केंद्रीय काॅलोनी के पास हाथीशाला में लगे दो कैमरा ट्रैप में बाघ दिखाई दिया है।
कैमरों की संख्या बढ़ेगी, ड्रोन से बाघ की तलाश जारी
वन क्षेत्राधिकारी आकाश गंगवार (आईएफएस) ने बताया कि कैमरा ट्रैप में नजर आए बाघ के चित्रों का अध्ययन किया जा रहा है। यह बाघ हाथीशाला के पीछे सूखासोत क्षेत्र में दिखा है। विभाग केंद्रीय काॅलोनी में कैमरों की संख्या बढ़ाएगा। चार कैमरे और लगाए जाएंगे। सुबह से रात 10 बजे तक सुरक्षा कारणों से सुरक्षा बैरियर बंद किए जा रहे हैं। ड्रोन से बाघ की तलाश की जा रही है।