कोटद्वार। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोटद्वार रीना नेगी की अदालत ने अपनी पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपी पति को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त करार दिया है।
प्रतिवादी के अधिवक्ता अनूप खंतवाल ने बताया कि मामले में मृतका के पिता ताजवर सिंह बिष्ट ने तीन जून, 2021 को तहरीर दी थी। इसमें कहा था कि उनकी पुत्री सोनम की शादी एक फरवरी 2013 को राजेश पुत्र दीनदयाल सिंह निवासी ग्राम उमरैला ब्लॉक दुगड्डा के साथ हुई थी। उसकी क्रमश: चार व छह साल की दो बेटियां हैं। कहा कि सोनम का पति राजेश और उसकी सास उसे इस बात पर पीटते थे कि उसकी दो लड़कियां हैं। साथ ही उसका मानसिक उत्पीड़न भी करते थे। उनकी पुत्री ने इस संबंध में अपनी मां को बताया था, जिस पर उन्होंने राजेश को समझाया भी था। गत दो जून 2021 को सोनम की सास ने फोन कर उसकी आत्महत्या की खबर दी। सूचना मिलने ही उन्होंने अपनी चचेरी बहन को घटना से अवगत कराते हुए सोनम के घर जाने को कहा। जब वह सोनम के घर पहुंची तो सोनम चारपाई में मृत पड़ी थी व उसका पति राजेश घर पर ही था। लेकिन उसने न जहर खाने की बात किसी को बताई और न उसे अस्पताल ले गया। संदेह जताया कि उसके पति राजेश ने उनकी पुत्री को जबरदस्ती जहर देकर मारा हो। पुलिस ने इस मामले में संबंधित धारा में मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से आठ गवाह पेश किए गए। अपर सत्र न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों के सम्यक विश्लेषण के आधार पर आरोपी पति को दाेषमुक्त करने योग्य पाते हुए फैसला सुनाया।