पौड़ी। जिले में आलगी की घटना से निपटने के लिए अग्निशमन विभाग ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। घनी आबादी वाले स्थानों पर अभी से फायर ब्रिगेड की टीम लगातार नजर बनाए हुए है। आग लगने की घटना के बाद राहत कार्य समय रहते पूर्ण कर लिया है। वहीं विभाग अग्निशमन उपकरणों को अपडेट करने में जुटा है।मौसम में बदलाव के साथ ही गर्मियां बढ़ने लगी हैं। जहां एक ओर वनों में आग की घटनाएं सामने आई हैं। वहीं शहरों के आबादी क्षेत्र में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की घटनाएं हुई हैं। हाल ही में पौड़ी जिले के सतपुली में आगलगी की घटना हुई। इसमें कई दुकानें जल गईं। फायर स्टेशन न होने से राहत बचाव कार्य में देरी भी सामने आई है। वहीं अग्निशमन विभाग की टीम ने आगलगी की घटना से निपटने की तैयारी की है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी राजेंद्र सिंह खाती ने बताया कि पौड़ी में आगलगी से निपटने से लिए एक बड़ा व एक छोटा वाहन है, जबकि कोटद्वार में एक छोटा वाहन व एक मोटरसाइकिल की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा थलीसैंण में दो व श्रीनगर व लक्ष्मणझूला में एक वाहन है।
घनी आबादी में आग बुझाने में करनी पड़ती है मशक्कत
पौड़ी। पौड़ी शहर में समय के साथ आबादी भी बढ़ी है। यहां संकरी सड़कों के कारण कई बार अग्निशमन विभाग को आग बुझाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। दरअसल, संकरी सड़कें होने के कारण अग्निशमन विभाग का वाहन घटनास्थल तक नहीं पहुंच पाता है। इससे आग बुझाने में फायर बिग्रेड की टीम को घंटों जूझना पड़ता है।
ये है चालू हालत में
पौड़ी में तीन हाईडेंट, श्रीनगर में एक व कोटद्वार में दो वाटर आउटलेट बनाए गए हैं। इनकी मदद से आग बुझाने का काम किया जाता है। अग्निशमन विभाग के अनुसार सभी उपकरण चालू हालत में हैं।