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जजयहरीखाल ब्लाक के कई गांवों में भालू की दहशत

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जयहरीखाल ब्लॉक के एक दर्जन से अधिक गांवों में भालू की दहशत थमने का नाम नहीं ले रही है। सोमवार रात को बिदुर गांव में भालू ने एक पशुपालक की गोशाला तोड़कर वहां बंधी दुधारू गाय को मार डाला। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्रामीण सीएम हेल्पलाइन में दो बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।
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सामाजिक कार्यकर्ता और भैरव सेना के ब्लाक प्रभारी अरविंद नेगी लिटिल और अरुण भारद्वाज बताया कि सोमवार रात को भालू ने बिदुर गांव में पशुपालक आनंदमणि की गोशाला तोड़कर वहां बंधी दुधारू गाय को मार डाला। इससे पहले गत 14 नवंबर को जंगली जानवर ने पशुपालक विजयप्रकाश भारद्वाज की गोशाला तोड़कर उनकी चार बकरियों और एक बैल को मार डाला था। कहा कि असनखेत, जाख मल्ला, सुकोली मल्ला, सैंधार, घांगली, संदणा, मठाली, मझोला, मलधार में भी जंगली जानवर कई पशुपालकों के दुधारू मवेशियों को मार चुके हैं। शिकायत पर वन कर्मी गांव पहुंचकर फोटो खींचकर चले जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पिंजरा लगाने की मांग पर वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जंगली जानवर के आदमखोर होने तक वह पिंजरा नहीं लगा सकते। कहा कि इस संबंध में गत 23 नवंबर और 29 नवंबर को दो बार सीएम हेल्पलाइन में भी शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत से भालू को पकड़ने के लिए क्षेत्र में पिंजरा लगाने और क्षेत्र में वन कर्मियों की गश्त बढ़ाने की मांग की।
कोट
प्रभावित गांवों में वन कर्मियों की गश्त बढ़ा दी गई है। भालू को आबादी से दूर खदेड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। यदि भालू के साथ बच्चे भी हों तो वह ज्यादा आक्रामक भी हो सकता है। ऐसे में उससे ज्यादा छेड़छाड़ नहीं की जा सकती है। भालू किसी एक गांव में सक्रिय नहीं है। पूरे क्षेत्र में पिंजरा लगाना संभव नहीं है। - राखी जुयाल, रेंज अधिकारी पोखड़ा गढ़वाल वन प्रभाग।
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