बीरोंखाल बाजार में सेवा अनुबंध समाप्त होने के विरोध में प्रदर्शन करते एनआरएलएम कर्मी और महिला स?
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बैजरो। बीरोंखाल ब्लाक में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत कार्यरत ब्लाक समन्वयक सहित सभी सात कर्मियों के सेवा अनुबंध समाप्त होने से भड़के अनुबंध कर्मियों व ब्लाक के विभिन्न स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों ने उनके समर्थन मे बीरोंखाल बाजार में रैली निकालकर प्रदर्शन किया।
बीरोंखाल की ब्लाक समन्वयक सुषमा बिष्ट ने कहा कि एनआरएलएम भारत सरकार की ओर से संचालित योजनाओं में से एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसमें 90 फीसदी धनराशि केंद्र सरकार और 10 फीसदी धनराशि राज्य सरकार द्वारा व्यय की जा रही है। वर्तमान में बीरोंखाल में 300 से अधिक महिलाओं को कैपेसिटी बिल्डिंग क्षमता विकास ट्रेनिंग, कृषि और गैर कृषि ट्रेनिंग से जोड़ा गया है। जिंदगी आजीविका संवर्धन का रास्ता दिखाने वाली एजेंसी इंटरनेशनल यूनाइटेड कंपनी (यूएनडीपी) के तहत बीरोंखाल में संचालित हो रहे क्लस्टरों में 300 से अधिक महिलाएं सदस्य हैं। 31 दिसंबर को उनका कंपनी के साथ अनुबंध समाप्त हो गया है, लेकिन सरकार अब अनुबंध को आगे नहीं बढ़ा रही है। जिससे इन सभी की आजीविका व योजना पर संकट मंडरा रहा है। कहा कि यदि सरकार कंपनी का अनुबंध नहीं बढ़ा रही है, तो कार्यरत सभी कर्मचारियों को संविदा के तहत आजीविका मिशन में नियुक्ति दी जाए, ताकि योजना सुचारु रूप से संचालित होती रहे। रैली को समर्थन देने आए ग्राम संगठन व स्वयं सहायता समूह के सदस्यों ने मांग पर कार्रवाई न होने पर सामूहिक रूप से इस्तीफा देने की चेतावनी दी है। रैली में ललीता रावत, सुमन देवी, मधु देवी, सिंदूरी देवी, दीपा देवी, अनीता देवी, बीना देवी, मीनाक्षी देवी सहित कई मौजूद थे। उधर, आजीविका मिशन के जिला परियोजना निदेशक संजीव कुमार राय का कहना है कि किसी कंपनी या कर्मियों के अनुबंध समाप्त होने के संबंध में कोई निर्देश शासन से नहीं मिले हैं।