वन विभाग ने दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद जंगल में खदेड़ा
एक सप्ताह से लगातार धमक रहा है झुंड, लोगों ने सुरक्षा दीवार बनाने और गश्त बढ़ाने की मांग उठाई
संवाद न्यूज एजेंसी
कण्वघाटी। भाबर क्षेत्र के अंतर्गत हल्दूखाता तल्ला में एक सप्ताह से हाथियों का उत्पात मचा है। अब फिर से हाथियों ने हल्दूखाता में फसल रौंद दी। वन कर्मियों ने दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद हाथियों को जंगल में खदेड़ा। अब तक काश्तकारों की कई बीघा गेहूं की फसल को हाथी रौंद चुके हैं। काश्तकारों ने हाथियों को आबादी क्षेत्र में आने से रोकने के लिए सुरक्षा दीवार बनाने और वन कर्मियों की गश्त बढ़ाने की मांग उठाई।
हल्दूखाता निवासी अशोक भारद्वाज, सुनील थपलियाल, वीरेंद्र मनराल, नेहा भारद्वाज, कविता देवी, आनंद घिल्डियाल ने बताया कि मंगलवार रात को 9:00 बजे करीब सात से आठ हाथियों का झुंड यूपी के बिजनौर वन प्रभाग के जंगल से निकलकर हल्दूखाता तल्ला निवासी मदन सिंह बिष्ट की तारबाड़ को तोड़कर खेतों में घुस गया। यहां गेहूं की फसल रौंदने के बाद हाथियों के झुंड ने शेखर घिल्डियाल, बबीता देवी, गणेशी देवी, कविता देवी, अनिल घिल्डियाल, संदीप बिष्ट, चंद्रमोहन बिष्ट के खेतों में खड़ी गेहूं की फसल रौंद डाली। हाथियों का शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर इकट्ठा हो गए। लोगों ने शोर मचाने के साथ ही पटाखे फोड़े और हाथियों के झुंड को जंगल में खदेड़ा। करीब ग्यारह बजे हाथियों का झुंड फिर से खेतों में आ धमका। सूचना पर दो वनकर्मी भी मौके पर पहुंचे। इस बार दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद स्थानीय काश्तकारों ने झुंड को जंगल में खदेड़ने में कामयाबी हासिल की। लोगों का कहना है की एक सप्ताह से क्षेत्र में हाथियों का उत्पात मचा है। इससे लोगों में दहशत बनी है। लोगों ने वन विभाग से क्षेत्र में वनकर्मियों की गश्त बढ़ाने और हाथी सुरक्षा दीवार बनाने की मांग की है।
कोट
प्रभावित काश्तकारों की ओर से मुआवजे के लिए प्रार्थनापत्र दिए गए हैं। मौका मुआयना कर मुआवजे के लिए रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी। क्षेत्र में वनकर्मियों की गश्त भी बढ़ा दी गई है। - विपिन चंद्र जोशी, रेंज अधिकारी कोटद्वार।