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एनएच से अतिक्रमण हटने के दो साल बाद शिफ्ट नहीं हुए बिजली के खंभे

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उत्तराखंड हाईकोर्ट के आदेश पर नगर निगम, एनएच प्रशासन की ओर से कोटद्वार पौड़ी-नेशनल हाईवे पर फुटपाथ और नगर निगम की नजूल भूमि से हटाए गए अतिक्रमण वाले स्थान से दो साल बाद भी बिजली की लाइनें और खंभे नहीं हट पाए हैं। ऐसे में खाली कराए गए फुटपाथ का लाभ आम लोगों को नहीं मिल पा रहा है। बिजली के खंभों और ट्रांसफार्मर की आड़ में फिर से अतिक्रमण पसरने लगा है। विभिन्न सामाजिक संगठनों ने शासन-प्रशासन एवं संबंधित विभाग से बिजली के खंभे हटवाने की मांग की है, ताकि सड़क चौड़ीकरण का लाभ आम जनता को मिल सके।
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उच्च न्यायालय नैनीताल ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए 18 नवंबर, 2020 को जिला प्रशासन को आठ सप्ताह में एनएच पर शहर के भीतर फुटपाथ और नगर निगम की नजूल भूमि पर हुए अतिक्रमण को हटाने के निर्देश दिए थे। दिसंबर, 2020 में नगर निगम के आदेश पर अतिक्रमणकारियों ने अपने अतिक्रमण हटाने शुरू किए। कोर्ट के आदेश पर कुछ भवन स्वामियों के नए सिरे से चिह्निकरण भी हुए। वर्तमान में भी एनएच से अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया जारी है। अतिक्रमण हटने के दो साल बाद भी एनएच पर सड़क के दोनों ओर बिजली के खंभे, लाइनें और ट्रांसफार्मर अभी तक शिफ्ट नहीं हो पाए हैं, जिससे लोगों को खाली कराए गए फुटपाथ का लाभ नहीं मिल पा रहा है। लोग अब भी बीच सड़क पर चलने के लिए मजबूर हैं। सड़क पर यातायात का दबाव अधिक होने के कारण पैदल आवाजाही करने में दुर्घटना का अंदेशा बना है। बिजली की लाइनें, खंभे और ट्रांसफार्मर की आड़ में फिर से स्थायी अतिक्रमण पसरने लगा है। शहर में कौड़िया से बुद्धा पार्क तक एनएच पर करीब 250 बिजली के खंभे, ट्रांसफार्मर और लाइनें शिफ्ट की जानी हैं।
एनएच प्रशासन को शिफ्टिंग के लिए दो करोड़ का प्राक्कलन भेजा गया था, लेकिन अभी तक धनराशि उपलब्ध नहीं कराई गई। एनएच से अभी तक पूरा अतिक्रमण भी नहीं हटाया गया है। पैसा मिलने और पूरा अतिक्रमण हटने के बाद ही लाइन शिफ्टिंग का काम संभव है। - कमल सिंह, एसडीओ सिटी ऊर्जा निगम।
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बिजली के खंभे, ट्रांसफार्मर और लाइनों की शिफ्टिंग के लिए ऊर्जा निगम की ओर से उपलब्ध कराए गए प्राक्कलन के आधार पर पैसे की डिमांड शासन से की गई है। शासन की ओर से पैसा सीधे ऊर्जा निगम के खाते में उपलब्ध कराया जाना है। - नवनीत पांडे, अधिशासी अभियंता, एनएच खंड लोनिवि धुमाकोट।
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