दीपावली पर्व के बाद वीकेंड पर रविवार को सिद्धबली मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों ने घंटों लाइन पर लगकर सिद्धबली दर्शन किए और सुख, शांति व समृद्धि की कामना की। भीड़ को देखते हुए पुलिस ने बड़े वाहनों को तिलवाढांग चौकी पर ही रोक दिया। श्रद्धालुओं के एनएच पर सड़क के दोनों ओर वाहन खड़े करने से एनएच पर जाम की स्थिति बनी रही।
रविवार को सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का पहुंचा शुरू हो गया था। इस दौरान श्रद्धालुओं ने लाइन में लगकर एक-एक कर सिद्धबाबा के दर्शन किए। दोपहर तक कोटद्वार समेत यूपी के नजीबाबाद, बढ़ापुर, नगीना, धामपुर, बिजनौर आदि क्षेत्रों से श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला जारी रहा। मंदिर की पार्किंग फुल होने के बाद पुलिस ने बड़े वाहनों को तिलवाढांग चौकी पर ही रोक लिया, जिससे तिलवाढांग चौकी से लैंसडौन वन प्रभाग के डीएफओ कार्यालय तक एनएच पर जाम की स्थिति रही। दिनभर कई बार यहां एनएच पर जाम लगता रहा। पुलिस को जाम खुलवाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
त्योहार के बाद काम पर लौटने वालों की बसों में रही मारामारी
घंटों इंतजार के बाद भी नहीं मिली दिल्ली के लिए बसें, प्राइवेट वाहनों से जाने को मजबूर हुए यात्री
कोटद्वार डिपो से दिल्ली रूट पर चलाई गई 12 अतिरिक्त बसें
संवाद न्यूज एजेंसी
कोटद्वार। दीपावली की छुट्टियां खत्म होते ही रविवार को प्रवासियों का मैदान की ओर वापसी का सिलसिला शुरू हो गया है। सबसे ज्यादा भीड़ दिल्ली जाने के लिए रही। यात्रियों को भीड़ को देखते हुए कोटद्वार डिपो की ओर से पहले से ही 34 बसों की व्यवस्था की गई थी, लेकिन अत्यधिक भीड़ के चलते बसें कम पड़ गई।
रविवार को सुबह से ही कोटद्वार डिपो में मैदानी रूटों पर जाने वालों की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई। दिन चढ़ने के साथ ही स्टेशन पर यात्री ही दिखाई देने लगे। भीड़ के चलते डिपो की बसें जब कम पड़ने लगी, तो डिपो प्रबंधन की ओर से यूपी के विभिन्न डिपो से भी बसें बुलानी पड़ी। हालत यह रही कि दिल्ली रूट पर पूर्वाह्न 11 बजे तक कोटद्वार डिपो से 20 बसें रवाना हो चुकी थी। देर शाम मार्ग पर कोटद्वार डिपो से 34 बसें संचालित की गई। इसके अलावा जब यूपी के नजीबाबाद और बिजनौर डिपो से भी बसें नहीं मिली, तो गढ़मुक्तेश्वर डिपो से यूपी रोडवेज की अतिरिक्त बसें मंगाई गई। दिल्ली रूट पर कोटद्वार डिपो से सामान्य दिनों में दिनभर में 22 बसों का संचालन होता है। कई लोगों को जब बसें नहीं मिली, तो उन्हें प्राइवेट जीप-टैक्सियों के सहारे दिल्ली जाने को मजबूर होना पड़ा। इसके अलावा हरिद्वार, गुरुग्राम, चंडीगढ़ के लिए भी खासी भीड़ रही। कोटद्वार डिपो के एजीएम टीकाराम आदित्य ने बताया कि यात्रियों की भीड़ को देखते हुए सभी तैयारियां पहले से ही कर ली गई थी। रविवार को दिल्ली रूट पर 34 बसों का संचालन किया गया। डिपो से कुल 54 बसों का संचालन किया गया।