वन विभाग के पनियाली सभागार में बाघ गणना 2022 के लिए आयोजित एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में लैंसडौन वन प्रभाग कोटद्वार के पांचों रेंजों के 70 नए और पुराने वन आरक्षियों को बाघ गणना के लिए वन क्षेत्र में अलग-अलग टीम बनाकर बीट एवं ट्रांजेक्ट लाइन के बारे में जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान को-आर्डिनेटर राजौरी टाइगर रिजर्व प्रभाग की डॉ. भारती अरोड़ा, एसडीओ दिनेश घिल्डियाल, रेंजर प्रदीप उनियाल ने वनकर्मियों को वास्तविक वन्यप्राणी गणना के दौरान बाघ, तेंदुए एवं अन्य मांसाहारी वन्यप्राणियों के चिह्न एकत्र करने संबंधी महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी दी। साथ ही ट्रांजेक्ट लाइन वाक के दौरान रखी जाने वाली महत्वपूर्ण सावधानियां, उनके आवास स्थानों से संबंधित आंकड़ों को संकलन करने, मोबाइल एप में जानकारी भरने के साथ ही जीपीएस कैमरा ट्रेप, रेंज फाइंडर, सुंटो कपास का उपयोग करने के बारे में भी अवगत कराया। रेंजर प्रदीप उनियाल ने बताया कि इस बार बाघों की गणना में एम स्ट्राइप एप का इस्तेमाल किया जाएगा। कहा कि पिछले वर्षों तक कर्मचारी जंगल में डाली जाने वाली ट्रांजिक्ट लाइन पर चलते हुए डायरी में विवरण व आंकड़े कलम से दर्ज करते थे। उसे बाद में विभाग के कार्यालय में लाकर कंप्यूटर में फीड कराते थे। नई व्यवस्था में इतनी मशक्कत की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। सारा विवरण और आंकड़े एप से कंप्यूटर में डाउनलोड कर लिए जाएंगे। कहा कि यह फर्स्ट फेज का प्रशिक्षण था। इसके बाद दूसरे फेज का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।