उत्तराखंड ग्रामीण विकास नागरिक संगठन की ओर से पोखड़ा के ग्राम गवांणी में आयोजित चकबंदी गोष्ठी में प्रदेश की खुशहाली के लिए कई ग्राम पंचायतों के प्रधान और अतिथियों ने चकबंदी अपनाने का संकल्प लिया।
ग्रामीणों ने चकबंदी को सफल बनाने के लिए जंगली जानवरों पर काबू पाना, पलायन रोकना, कृषि में आधुनिक तकनीक व बीजों का प्रयोग करना, शराब के बढ़ते प्रचलन पर महिलाओं की ओर से चिंता जताई गई। उन्होंने शराब के बढ़ते प्रचलन पर रोक लगाने की मांग की।
ग्राम प्रधान किमगडी सुशील कुमार की अध्यक्षता में हुई चकबंदी गोष्ठी में चकबंदी के प्रणेता गणेश सिंह गरीब ने कहा कि हमें सबसे पहले अपना गांव बसाना होगा। आज यदि चकबंदी हो गई होती तो प्रदेश का हाल ही कुछ और होता।
चकबंदी अनिवार्य होगी तभी प्रदेश में खुशहाली आ सकती है। गरीब रथ क्रांति के संचालक कपिल डोभाल ने सरकार से चकबंदी विधेयक को इसी सत्र में लाने की मांग की। उन्होंने कहा कि किसान विद्यालय की स्थापना से ग्रामीणों को आधुनिक तकनीक की ओर से खेती करना, मिट्टी की जांच, जल संरक्षण आदि का प्रशिक्षण देना जरूरी है।
भूतपूर्व सैनिक कल्याण परिषद् के अध्यक्ष बलराम सिंह नेगी ने सहकारी कृषि और मनरेगा जैसी योजनाओं को चकबंदी से जोड़ने की बात कही। संस्था अध्यक्ष प्रवेश चंद नवानी व सभी गांववासियों ने चकबंदी पर सहमति जताई।
इस अवसर पर समाजसेवी संजय बुड़ाकोटी, जनार्दन बुड़ाकोटी, नूतन बुड़ाकोटी, ग्राम प्रधान गवांणी राजे सिंह, ग्राम प्रधान सुशील कुमार, सूमा नवानी, वसंत बल्लभ नवानी, नूतन बुड़ाकोटी, मनोज नवानी, वाचस्पति नवानी, अशोक गौनियाल सूमा देवी पूर्व प्रधान और सुरेशी देवी नवानी आदि मौजूद थे।