मलेथा के आंदोलनकारियों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने, भांग की खेती रद्द करने और जल विद्युत परियोजना प्रभावितों को विद्युत बिलों में 50 फीसदी छूट देने संबंधी शासनादेश जारी करने सहित अन्य मांगों के लिए आंदोलनकारी समीर रतूड़ी का आमरण अनशन 23 वें दिन जारी रहा। अनशनकारी ने मंगलवार को भी स्वास्थ्य परीक्षण करवाने से इंकार कर दिया। उनका कहना था कि वजन मशीन बदली जाए और रक्त परीक्षण अनशन स्थल पर ही हो।
वहीं, आंदोलनकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल देहरादून गया है। उनकी सचिवालय में अधिकारियों से शासनादेशों के संबंध में वार्ता होगी। मलेथा में धरना दे रहे समीर ने आरोप लगाया कि एक कैबिनेट मंत्री के दबाव में मलेथा के आंदोलनकारियों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने का शासनादेश जारी नहीं हो रहा है। टिहरी जिला प्रशासन ने शासन को मुकदमे वापस नहीं लेने की रिपोर्ट भेजी है। प्रशासन मंत्री के दबाव में रिपोर्ट भेज रहा है। इधर, कांग्रेस नेता विनोद नौटियाल, सुनील नेगी और मदन मोहन ढौंडियाल आंदोलन को समर्थन देने मलेथा पहुंचे।