अपर आयुक्त गढ़वाल मंडल हरक सिंह ने नगर में कूड़ा प्रबंधन और सफाई व्यवस्था को लेकर पार्षदों और अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने नगर आयुक्त को सड़क पर कूड़ा फेंकने वालों के चालान काटने, टैक्स और यूजर चार्जेज के ऑनलाइन भुगतान की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के बारे में भी जानकारी ली।
नगर निगम सभागार में हुई बैठक में अपर आयुक्त ने नगर आयुक्त को कूड़े की गाड़ियों में सूखा कूड़ा, मिश्रित कूड़ा और गीला कूड़ा पृथक एकत्र करने के लिए तीन खाने बनाने के निर्देश दिए। नियमित रूप से कूड़ा उठान की व्यवस्था के लिए एक दो गाड़ियां और चालक रिजर्व में रखने को कहा। उन्होंने घायल पशुओं के उपचार की व्यवस्था के लिए डीपीसी सेंटर बनाने और अवैध होर्डिंग लगाने वालों और वॉल पेंटिंग करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मोटर नगर में बस अड्डा और शॉपिंग कांप्लेक्स के लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) बनाकर भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने नगर निगम की व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के लिए बीईएल समेत अन्य संस्थाओं का सहयोग लेने को भी कहा। बैठक के दौरान उन्होंने पार्षदों से नगर में स्वच्छता बनाए रखने के लिए लोगों को जागरूक करने में सहयोग देने की अपील की। उन्होंने सीओ अनिल जोशी को सभी स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए।
मेयर हेमलता नेगी ने कहा कि पिछले तीन सालों से ट्रंचिंग ग्राउंड के लिए प्रयासरत हैं। अब जाकर भूमि उपलब्ध हो पाई है। नगर आयुक्त पीएल शाह ने सभी से नगर को स्वच्छ बनाने में सहयोग देने की अपील की। इस मौके पर एसडीएम योगेश मेहरा, सीओ अनिल जोशी, कोतवाल नरेंद्र सिंह बिष्ट, तहसीलदार विकास अवस्थी, सहायक नगर आयुक्त संजय कुमार, किसान नेता परशुराम समेत सभी 40 पार्षद मौजूद रहे।
नगर आयुक्त और पार्षद के बीच हुई नोकझोंक
कोटद्वार। अपर आयुक्त की बैठक के दौरान पार्षद विपिन डोबरियाल ने मुक्तिधाम की भूमि को नगर निगम की बताते हुए इसे खाली कराकर दिल्ली समेत महानगरों की तर्ज पर नगर निगम बोध धाम बनाने की मांग की। नगर आयुक्त पीएल शाह ने कहा कि तत्कालीन नगर पालिका के समय में मुक्तिधाम और नगर पालिका के बीच एक अनुबंध हुआ था, जिसके तहत संस्था मुक्तिधाम का संचालन कर रही है। पार्षद विपिन डोबरियाल और सूरज कांति ने कहा कि संस्था के साथ नगर निगम का कोई अनुबंध नहीं है, जिस पर नगर आयुक्त और पार्षद के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। नगर आयुक्त ने कहा कि वह कानून और नियमों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं कर सकते। मामले की जांच जरूर की जा सकती है। अपर आयुक्त गढ़वाल हरक सिंह ने इस मामले में एक माह में कार्रवाई के निर्देश दिए।