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Kotdwar News: डेंगू की दस्तक से पहले स्कूलों ने मांगे बच्चों के फिटनेस सर्टिफिकेट

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कोटद्वार। डेंगू की दस्तक को लेकर हर कोई चिंतित है। निजी स्कूलों ने अभिभावकों को सरकारी अस्पताल से अपने बच्चों के फिटनेस सर्टिफिकेट बनवाकर जमा कराने के लिए कहा है। कई अभिभावक अपने बच्चों को लेकर अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। अस्पताल में पहले ही मौसमी रोगों से ग्रसित लोगों की भीड़ है। ऐसे में बच्चों की स्वास्थ्य जांच से चिकित्सकों पर दबाव बढ़ गया है।क्षेत्र की निजी शिक्षण संस्थाओं की ओर से अभिभावकों को जो प्रारूप भेजा गया है। उसमें स्कूल में पढ़ने वाले उनके बच्चे की सामान्य स्वास्थ्य जांच के अलावा नाक-काल-गला, आंख, दांत, त्वचा आदि के संबंध में चिकित्सीय परीक्षण की रिपोर्ट मांगी गई है। इसके लिए अभिभावक राजकीय बेस अस्पताल पहुंच रहे हैं। अभिभावक रुचि रावत, विपिन सुंद्रियाल, अजीत सिंह, रजनी, चंचल आदि ने बताया कि अस्पताल में काफी भीड़ है। खासकर बाल रोग विशेषज्ञ चिकित्सकों के पास मरीज काफी पहुंच रहे हैं। घंटों अस्पताल में गुजारने के बाद भी बच्चों के फिटनेस सर्टिफिकेट नहीं बन पा रहे हैं। वहीं, चिकित्सकों ने भी इस मामले में व्यावहारिक दिक्कत बताई। उनका कहना था कि इस समय वायरल बुखार, नजला, खांसी, पेट में गड़बड़ी, डायरिया आदि समस्या से जुड़े काफी मरीज आ रहे हैं। राजकीय बेस अस्पताल में इन दिनों औसतन 600 से 700 ओपीडी हो रही हैं। इनमें 25 से 30 फीसदी बाल एवं किशोरावस्था के मरीज शामिल हैं।
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-बोले बीईओ

बच्चों के स्वास्थ्य संबंधी जानकारी विद्यालय पर उपलब्ध होना बच्चों के लिए बेहतर होता है, लेकिन इसे बच्चों के अभिभावकों की स्वेच्छा पर छोड़ने के लिए निजी स्कूलों को कहा जाएगा। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत स्कूलों में शिविर लगाकर बच्चों की स्वास्थ्य जांच कराई जा सकती है।
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- अमित कुमार चंद, बीईओ दुगड्डा
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