कोटद्वार। दिल्ली से कोटद्वार के लिए चलने वाली सिद्धबली जनशताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन रविवार को घंटों विलंब से चली। इस कारण ट्रेन में सवार पर्वतीय क्षेत्र के लोगों और कोटद्वार से दिल्ली जाने वालों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा।
सोमवार को दिल्ली से कोटद्वार आ रही ट्रेन अपने निर्धारित समय से सात घंटे विलंब से हापुड़ जंक्शन और गजरौला जंक्शन पर पहुंची। यह ट्रेन बिजनौर स्टेशन पर करीब छह घंटे विलंब से पहुंची। दिल्ली-कोटद्वार रूट पर उत्तर प्रदेश के अंतिम स्टेशन नजीबाबाद जंक्शन और यूपी-उत्तराखंड सीमा पर आखिरी स्टेशन कोटद्वार पर ट्रेन निर्धारित समय से करीब छह घंटा विलंब से पहुंची। आम दिनों में ट्रेन अपने निर्धारित समय पर दोपहर 1:30 बजे पहुंच जाती है, लेकिन रविवार को पांच से छह घंटा विलंब से चली। ट्रेन से सफर करने वाले पौड़ी-गढ़वाल के दूरस्थ क्षेत्र के लोगों को रेलवे स्टेशन के बाहर से ही कोटद्वार रोडवेज डिपो अथवा जीएमओयू की बसें उपलब्ध हो जाती हैं।
सोमवार को सिद्धबली जनशताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन घंटाें विलंब से चलने के कारण दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्र के लोगों को खासा मानसिक तनाव झेलना पड़ा। दरअसल कोटद्वार डिपो की बस दोपहर 2:30 बजे के बाद पर्वतीय मार्ग पर नहीं भेजी जाती और जीएमओयू की सतपुली के लिए आखिरी बस शाम पांच बजे ही है। दूरस्थ क्षेत्रों की जीएमओयू की बसें इससे पहले ही गंतव्य के लिए निकल जाती है। वर्तमान में कोटद्वार-पौड़ी हाईवे पर कई जगह डेंजर जोन बनने के कारण रात 8:00 बजे के बाद वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित किया हुआ है।
उधर, कोटद्वार पहुंचकर यही ट्रेन वापस दिल्ली के लिए रवाना होती है। इस ट्रेन से दिल्ली जाने के लिए स्टेशन पहुंचे कुंवर सिंह, राजीव कुमार ने बताया कि कांवड़ यात्रा के चलते एनसीआर और दिल्ली से जुड़े मार्गों पर जाम की स्थिति है। ट्रेन भी कई घंटे विलंब से चल रही है। शारीरिक थकान, मानसिक तनाव के साथ साथ उनका शेड्यूल गड़बड़ा गया।