सतपुली/कोटद्वार/पौड़ी। चौबट्टाखाल विधानसभा क्षेत्र में सतपुली के पास मलेठी में स्थित बंद पड़ी शराब की फैक्टरी में बृहस्पतिवार रात विभिन्न ब्रांड की 9331 पेटियां शराब मिली है। निर्वाचन आयोग की टीम ने इन शराब की पेटियों की वीडियोग्राफी करवाने के बाद अपनी रिपोर्ट जिला निर्वाचन अधिकारी को भेज दी है।
जिलाधिकारी ने एसडीएम सतपुली की रिपोर्ट के आधार पर अग्रिम आदेश तक फैक्टरी को सील कर वहां पर सुरक्षाकर्मी तैनात कर दिए हैं। प्रारंभिक जांच में फैक्टरी से किसी भी तरह की शराब की आपूर्ति अथवा गड़बड़ी नहीं पाई गई है। कांग्रेस प्रत्याशी गणेश गोदियाल व स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं की शिकायत पर निर्वाचन आयोग की एफएसटी, सतपुली पुलिस व आबकारी विभाग ने बृहस्पतिवार देर रात को फैक्टरी खुलवाई थी।
सतपुली के पास एकेश्वर विकासखंड में पड़ने वाले मलेठी क्षेत्र में श्रीराम एग्रीवेंचर शराब बाटलिंग प्लांट है। बृहस्पतिवार सुबह कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चुनाव को प्रभावित करने का आरोप लगाते हुए फैक्टरी से अवैध रूप से शराब सप्लाई के आरोप लगाए थे। सूचना पर जिला निर्वाचन अधिकारी/डीएम डा. आशीष चौहान ने निर्वाचन विभाग की फ्लाइंग स्क्वाड (एफएसटी) व आबकारी विभाग को जांच के आदेश दिए थे। बृहस्पतिवार रात 8:00 बजे आबकारी निरीक्षक मानवेंद्र सिंह पंवार फैक्टरी के डबल लॉक की चाभी लेकर पहुंचे थे। संयुक्त निरीक्षण में फैक्टरी के अंदर विभिन्न ब्रांड की 9331 शराब की पेटियां मिली थीं।
जिला आबकारी अधिकारी केपी सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी ने एसडीएम सतपुली के माध्यम से स्टॉक रजिस्ट्रर का मिलान कराया है। जिसमें स्टॉक वहीं पाया गया, जो सील करने के दिन फैक्टरी में मौजूद था। यहां से किसी तरह के शराब को आवंटित किया जाना नहीं पाया गया। शिकायत करने वाला पक्ष गड़बड़ी व यहां से शराब की सप्लाई के कोई साक्ष्य नहीं दे सका। इसके बाद भी जिलाधिकारी ने फैक्टरी को सील कर वहां सुरक्षाकर्मी तैनात करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि प्लांट के लाइसेंस का नवीनीकरण फरवरी 2024 में होना था, लेकिन प्लांट के स्वामी द्वारा कोई आवेदन नहीं किए जाने पर प्लांट को मार्च माह में डबल लॉक करके बंद कर लिया गया था।
डीएम के निर्देश पर सीओ पौड़ी अनुज कुमार ने फैक्टरी को सील कर वहां पर सुरक्षा कर्मी तैनात कर दिए हैं। एफएसटी टीम के मजिस्ट्रेट वीरेंद्र सिंह सजवाण ने बताया कि प्लांट में मौजूद शराब की वीडियोग्राफी कर पूरी सूची निर्वाचन आयोग को भेज दी गई है। आबकारी इंस्पेक्टर मानवेंद्र सिंह पंवार ने कहा कि प्लांट का नवीनीकरण न होने के कारण प्लांट बंद पड़ा है।