कोरोनाकाल की दूसरी लहर के बाद उत्तराखंड परिवहन निगम के कोटद्वार डिपो की सेवाएं पटरी पर लौट गई हैं। सोमवार को मैदान और पहाड़ के सभी रूटों पर 45 बसें रवाना र्हुइं। दिल्ली के लिए 15 बसें रवाना र्हुइं। इसके अलावा जयपुर, चंड़ीगढ़, अमृतसर, संगरूर, गुड़गांव और फरीदाबाद की बसें भी सवारियों को लेकर गंतव्य के लिए रवाना हुईं। बसों की संख्या में इजाफा होते ही डिपो की कमाई भी बढ़ने लगी है।
कोरोनाकाल में यूपी के रास्ते बंद होने के कारण बसों का संचालन केवल हरिद्वार, देहरादून और पहाड़ के रूटों तक सिमटा हुआ था। अब यूपी के रास्ते खुलने के बाद बस सेवाओं में अच्छी बढ़ोत्तरी होने लगी है। कोटद्वार से नजीबाबाद, बिजनौर, मेरठ, गाजियाबाद होते हुए दिल्ली के लिए हर रोज 15 से अधिक बसें रवाना हो रही हैं। इसके अलावा श्रीनगर गढ़वाल, त्रिपालीसैंण, बीरोंखाल, धुमाकोट, रिखणीखाल, पोखड़ा, लैंसडौन और कालागढ़ के लिए भी नियमित बस सेवाएं शुरू हो गई हैं।
डिपो के एजीएम टीकाराम आदित्य ने बताया कि नियमित सेवाएं चलने से डिपो को हर रोज छह से सात लाख रुपये की आय प्राप्त होने लगी है। बरसात का सीजन होने के बाद भी सवारियां मिल रही हैं। बताया कि सोमवार को देहरादून रूट पर भी पांच बसें भेजी गईं, इसके अलावा नजदीकी जिला मुख्यालय बिजनौर के लिए भी बसों का संचालन किया गया। रोडवेज की अपनी बसों के अलावा सात अनुबंधित बसों का भी संचालन किया गया।