कोटद्वार। विवाह के रजिस्ट्रेशन को लेकर नव विवाहित जोड़ों में क्रेज बढ़ रहा है। युवा वर्ग अब विवाह रजिस्ट्रेशन की जरूरत महसूस करने लगे है। कोटद्वार में इस वर्ष हिंदू, मुस्लिम समेत अन्य वर्गों के 902 विवाहित जोड़ों ने मैरिज रजिस्ट्रेशन कराया हैं। इन मैरिज रजिस्ट्रेशनों में मुस्लिम वर्ग के 150 जोड़े भी शामिल हैं।
कोटद्वार में विवाह रजिस्ट्रेशन को लेकर हिंदू, मुस्लिम वर्ग समेत सभी वर्ग के लोग जागरूक हो रहे है। फरवरी, 2013 में प्रदेश में अनिवार्य विवाह पंजीकरण अधिनियम के बाद कोटद्वार में विवाह रजिस्ट्रेशन की संख्या में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। सब रजिस्ट्रार कार्यालय कोटद्वार के प्रभारी मुकेश धीमान ने बताया कि विवाह रजिस्ट्रेशन को लेकर युवा वर्ग अब जागरूक हो रहा है। उनका कहना है कि विवाह रजिस्ट्रेशन सरकारी सुविधाओं को प्राप्त करने, विदेश जाने, पेंशन लाभ लेने के लिए जरूरी है। सबसे ज्यादा फायदा महिलाओं को होता हैं। विवाह रजिस्ट्रेशन से दोनों पक्ष किसी भी तरह की धोखाधड़ी से बच सकते हैं। कई बार कोई एक पक्ष शादी होने की बात से मुकर जाता है या पति दूसरी शादी कर लेता है, तब पहली पत्नी को अपना हक प्राप्त करने के लिए भारी परेशानी झेलनी पड़ती है, उस स्थिति में विवाह रजिस्ट्रेशन से पीड़िता को मदद मिलती है।
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विवाह रजिस्ट्रेशन कराने का समय और शुल्क
रजिस्ट्रार कार्यालय प्रभारी कोटद्वार मुकेश धीमान ने बताया कि नवविवाहित जोड़ों को शादी के 90 दिनों के भीतर विवाह रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होता है। जिसका शुल्क 231 रुपये है। लेकिन, 90 दिन के बाद यदि कोई विवाहित जोड़ा मैरिज रजिस्ट्रेशन कराता है तो उसे अतिरिक्त शुल्क समेत 330 रुपये जमा कराने पड़ते है।