जंगलों की आग पर काबू पाने के लिए सेना, एनडीआरएफ के बाद अब वायु सेना को भी लगा दिया गया है, वहीं वन और राजस्व विभाग के कर्मचारी पहले से आग बुझाने में जुटे हैं, लेकिन आम नागरिकों का भी कर्तव्य है कि इसमें हाथ बटाएं।
कानून के जानकारों की मानें तो आग बुझाने में सहयोग न करने पर छह महीने तक की जेल हो सकती है। आग बुझाने में कई स्थानों पर स्थानीय लोगों का सहयोग मिल रहा है, लेकिन पहले जिस तरह से गांव के गांव आग बुझाने के लिए वन विभाग कर्मचारियों के साथ आगे आते थे, वह इस बार नहीं दिखाई दे रहा।
दून में राजाजी टाइगर रिजर्व और शिवालिक वन प्रभाग में कई दिनों से जंगल सुलग रहे हैं, लेकिन स्थानीय लोगों का पर्याप्त सहयोग नहीं मिल पा रहा है।