फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

स्टिंग पर बोले रावत, मैने कब कहा मुझे विधायक चाहिए?

Mon, 02 May 2016 08:54 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून

सार

  • स्टिंग के प्रकरण को पूर्व मुख्यमंत्री ने फिर बताया फरेब
  • माना कि उमेश शर्मा से हुई थी जौलीग्रांट में मुलाकात
विज्ञापन
हरीश रावत
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

स्टिंग मामले को लेकर उलझे पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत रविवार को मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि उन्होंने कभी नहीं कहा कि मेरी मुलाकात स्टिंग से जुड़े पत्रकार से नहीं हुई। रावत ने यह भी कहा कि पत्रकार से उनकी मुलाकात जौलीग्रांट हवाई अड्डे में हुई थी। साथ ही रावत ने यह भी जोड़ा कि यह मुलाकात सायास नहीं, अनायास थी। स्टिंग का पूरा प्रकरण फरेब है। कोई बता दे कि किसी भी समय उन्होंने यह कहा कि विधायक चाहिए।
विज्ञापन


बीजापुर गेस्ट हाउस में मीडिया से मुखातिब हरीश रावत ने कहा कि यह मीडिया के लिए भी आत्ममंथन का समय है। किसी प्रदेश का मुख्यमंत्री क्या इतना कमजोर हो सकता है कि वह किसी के भी झांसे में आ जाए। एक जन सेवक होने के नाते अगर कोई पत्रकार और वह भी एक मीडिया चैनल का कर्ताधर्ता कहे कि मैं बात करना चाहता हूं तो उसे कैसे मना किया जाए।

रावत ने कहा कि यह कोई कैसे कह सकता है कि वे खुद उक्त पत्रकार से मिलने गए थे। मैंने किसी को बुलाया भी नहीं। रावत ने सोशल मीडिया में आए सीडी के अंश का हवाला देते हुए कहा कि साफ दिख रहा है कि उक्त व्यक्ति 15 करोड़ रुपये देने की बात कर रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

स्टिंगकर्ता के पास कहां से आए 15 करोड़

हरीश रावत - फोटो : ANI
जांच इस बात की भी होनी चाहिए कि उक्त व्यक्ति के पास 15 करोड़ कहां से आए। अगर उक्त व्यक्ति कह रहा है कि वह (पत्रकार उमेश शर्मा) झूठ बोल रहा है तो यह कैसे मान लिया गया कि कथित स्टिंग में दिखाया गया दूसरा व्यक्ति झूठ नहीं बोल रहा है।

रावत ने कहा कि वे तो किसी गांव से जनसभा कर लौटते हुए जौलीग्रांट हवाई अड्डे पर रुके थे। वहां बातचीत भी हुई होगी। रावत ने कहा कि सोशल मीडिया में जो कुछ सामने आया है, उससे जाहिर कि प्रदेश की चुनी हुई सरकार को गिराने के लिए षडयंत्र किया गया। इस पर सवाल क्यों नहीं उठाया जा रहा है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें