स्टिंग मामले को लेकर उलझे पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत रविवार को मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि उन्होंने कभी नहीं कहा कि मेरी मुलाकात स्टिंग से जुड़े पत्रकार से नहीं हुई। रावत ने यह भी कहा कि पत्रकार से उनकी मुलाकात जौलीग्रांट हवाई अड्डे में हुई थी। साथ ही रावत ने यह भी जोड़ा कि यह मुलाकात सायास नहीं, अनायास थी। स्टिंग का पूरा प्रकरण फरेब है। कोई बता दे कि किसी भी समय उन्होंने यह कहा कि विधायक चाहिए।
बीजापुर गेस्ट हाउस में मीडिया से मुखातिब हरीश रावत ने कहा कि यह मीडिया के लिए भी आत्ममंथन का समय है। किसी प्रदेश का मुख्यमंत्री क्या इतना कमजोर हो सकता है कि वह किसी के भी झांसे में आ जाए। एक जन सेवक होने के नाते अगर कोई पत्रकार और वह भी एक मीडिया चैनल का कर्ताधर्ता कहे कि मैं बात करना चाहता हूं तो उसे कैसे मना किया जाए।
रावत ने कहा कि यह कोई कैसे कह सकता है कि वे खुद उक्त पत्रकार से मिलने गए थे। मैंने किसी को बुलाया भी नहीं। रावत ने सोशल मीडिया में आए सीडी के अंश का हवाला देते हुए कहा कि साफ दिख रहा है कि उक्त व्यक्ति 15 करोड़ रुपये देने की बात कर रहा है।