रविवार को सचिवालय में करीब ढाई बजे स्पेशल कैबिनेट होगी। राज्य में यह पहली बार होगा, जब कोई काबीना मंत्री कैबिनेट की अध्यक्षता करेगा। इस कैबिनेट में स्टिंग आपरेशन की जांच सीबीआई से कराने के आदेश को वापस लेने के लिए कानूनी पहलुओं की समीक्षा होगी।
यदि कानूनी तौर पर दम दिखा तो यह जांच वापस लेने की संस्तुति की जाएगी। हालांकि यह विदित है कि इंदिरा सबसे वरिष्ठ मंत्री हैं, लेकिन इस बैठक से इंदिरा ह्दयेश के सीएम के बाद सबसे वरिष्ठ होने पर भी वैधानिक मुहर भी लगेगी।
उत्तराखंड में पहली बार
दरअसल, कई राज्यों में तो इस तरह की घटनाएं होती हैं, लेकिन उत्तराखंड में पहली बार हो रहा है कि मुख्यमंत्री की गैरमौजूदगी में कोई मंत्री कैबिनेट की बैठक की अध्यक्षता कर रहा है।
हालांकि हरीश रावत पहले इस तरह की दरियादिली से बचते रहे, लेकिन सियासी संकट के दौरान इंदिरा का डटकर उनके साथ खड़े रहना दोनों के बीच राजनीतिक विश्वास को बढ़ाने की बात है। मुख्यमंत्री दिल्ली चले गए हैं। वह रविवार की शाम लौटेंगे। बैठक में दूसरे बहुत महत्वपूर्ण मुद्दे नहीं हैं, स्टिंग की सीबीआई जांच का मामला ही गंभीर है।