उत्तराखंड सरकार आपदा पीड़ितों के लिए एक नया ऑफर लेकर आई है। जिसके अंर्तगत सरकार ने उन पीड़ितों को दो च्वॉइस दी हैं। पहली ये कि रुपए लेकर खुद मकान बना लें और दूसरी ये कि बना-बनाया मकान ले लें।
आपदा में जिनके भवन पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हैं, उसके बदले उन्हें अपना भवन बनाने को पांच लाख रुपए अथवा सरकार की ओर से बनाया जा रहा प्री-फैब्रिकेटेड मकान मिलेगा।
दो-दो लाख रुपए पहले दे चुकी सरकार
ऐसे पीड़ितों को दो-दो लाख रुपए पूर्व में ही बतौर क्षतिपूर्ति आपदा राहत मद से सरकार मुहैया करा चुकी है। इस तरह सात लाख रुपए हर पीड़ित को भवन के बदले मिल जाएंगे। आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से पिछले हफ्ते तैयार किए गए भवन निर्माण नियमावली में इसका प्रावधान कर दिया गया है।
साथ ही प्री-फैब्रिकेटेड भवन बनाने को विश्व बैंक से हुए करार में भी इस बात को स्पष्ट कर दिया गया है। जो लोग प्री-फैब्रीकेटेड भवन नहीं लेना चाहते, सरकार उन्हें अपना भवन खुद से बनाने को पांच लाख रुपए देगी। लेकिन यह राशि तीन किश्तों में मिलेगी।
तीन किश्त में मिलेंगे रुपए
पहले नींव भरने के लिए। उसके बाद आधे निर्माण पर और तीसरी किश्त पूर्ण रूप से भवन तैयार होने पर जारी होगी। पीड़ितों को पूरी तरह से क्षतिग्रस्त भवनों के बदले दो-दो लाख रुपए पहले ही एकमुश्त दिया जा चुका है।
खुद से भवन बनाने को सुरक्षित भूमि का प्रमाण पत्र एसडीएम से लाकर देना होगा। उसके बाद ही विश्व बैंक से जारी होने वाला धन मिलना शुरू होगा।
इस बीच भवन का निर्माण कार्य पूरा होने तक पीड़ितों को तीन-तीन हजार रुपए मासिक दर से किराया राशि सरकार देती रहेगी। भवन निर्माण के लिए दी जाने वाली मदद भी सरकार एक परिवार के हर भाई को अलग-अलग परिवार मानते हुए मुहैया कराएगी।
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