आपदा के बाद शुरू हुई हेमकुंड साहिब की यात्रा गुरुवार को समाप्त हो गई। सिक्खों के प्रसिद्ध तीर्थ हेमकुंड साहिब के कपाट दोपहर एक बजे शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए।
दोपहर 12 बजकर 45 मिनट पर इस साल की अंतिम अरदास के बाद एक बजे धाम के कपाट बंद कर दिए गए। इस दौरान पांच सिक्ख रेजीमेंट के साथ करीब 300 तीर्थयात्री भी धाम में मौजूद रहे। यह यात्रा अब 6 महीने बाद शुरू होगी।
गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के गोविंदघाट प्रबंधक ने बताया कि इस साल हेमकुंड में लगभग सात हजार श्रद्धालु मत्था टेकने पहुंचे। इसके साथ ही जलप्रलय के बाद धाम पहुंचे वाले तीर्थयात्रियों की संख्या करीब 15 सौ रही।
इस बार तीर्थयात्रियों की आस्था और उत्साह को देख आगामी साल की यात्रा के लिए तीर्थ यात्रियों की संख्या बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।