शहर के अंदर मुख्य सड़कों पर बने अस्पताल, होटल, बैंक और मॉल की अपनी पार्किंग नहीं होने से बड़ी संख्या में दोपहिया और चौपहिया वाहन सड़कों पर ही खड़े किए जाते हैं। सड़क पर बेतरतीब ढंग से खड़े वाहनों के कारण आम लोगों को सुबह से शाम तक जाम से जूझना पड़ रहा है। जिम्मेदार विभाग के अधिकारी भी इसको लेकर आंख मूंदे बैठे हैं।
शहर में लगातार वाहनों का दबाव बढ़ रहा है और बड़ी संख्या में बैंक, अस्पताल, होटल, रेस्त्रां और शापिंग मॉल खुले हैं। पहले की अपेक्षा सड़कों का निर्माण और चौड़ीकरण हुआ, इसके बाद भी दिक्कतें बढ़ती जा रही हैं। शहर की प्रमुख सड़कों पर खुले इन प्रतिष्ठानों के पास पार्किंग के लिए जगह नहीं है। इसलिए यहां आने वाले लोगों को अपने वाहन प्रतिष्ठान के बाहर सड़क पर ही पार्क करनी पड़ती है। खास बात यह है कि बैंक और कोचिंग सेंटर ही नहीं बड़े-बड़े मॉल व होटलों की भी पार्किंग नहीं है। सुबह से दोपहर के समय बैंक और अस्पतालों के बाहर सबसे ज्यादा दिक्कत होती है। यहां एक साथ बड़ी संख्या लोग पहुंचते हैं। इसलिए दोपहर तक बैंक और अस्पतालों के बाहर सबसे ज्यादा जाम की स्थिति बनती है।
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इन जगहों पर है सबसे ज्यादा दिक्कत
चंद्राचार्य चौक, जमना पैलेस, पुराना रानीपुर मोड़, प्रेमनगर आश्रम, ज्वालापुर बाजार, अपर रोड, रेलवे स्टेशन के सामने, मॉडल कालोनी, झंडा चौक कनखल।
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मेरी नही, दूसरी दुकान की भीड़ है
ज्वालापुर से लेकर ऋषिकुल पर तक कई बड़े प्रतिष्ठान हैं। जिनके बाहर सबसे ज्यादा वाहनों की भीड़ लगती है। दर्जनों की संख्या में वाहन इधर-उधर खड़े रहते हैं। ऐसे में प्रतिष्ठान संचालक अपनी नहीं पड़ोसी प्रतिष्ठान की भीड़ बताकर पल्ला झाड़ लेते हैं।
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पार्किंग की समस्या गंभीर है। सोमवार को यातायात विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक होनी है। इसमें समाधान निकाला जाएगा।
- दयानंद सरस्वती, नगर आयुक्त हरिद्वार
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वाहनों को व्यवस्थित ढंग से खड़े किए जाने के लिए लगातार सिटी पेट्रोल यूनिट गश्त करते रहते हैं। इसके साथ ही सड़क पर खड़े होने वाले वाहनों को टो ट्रक से उठवाकर यातायात लाइन भी भिजवाया जा रहा है। पार्किंग को लेकर नगर निगम के अधिकारियों लगातार बातचीत की जा रही है। जल्द ही समस्या का समाधान होगा।
- पीके राय, पुलिस अधीक्षक यातायात