फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हाथियों से किसान परेशान, नहीं देता कोई इस ओर ध्यान

विज्ञापन
हाथी द्वारा शिक्षा अधिकारी कार्यालय की तोड़ी गई दीवार । - फोटो : HARIDWAR
विज्ञापन
हाथियों को आबादी क्षेत्र और खेतों तक आने से रोकने के लिए किए गए वन विभाग के तमाम इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं। देहात क्षेत्र में हाथी और अन्य जंगली जानवर किसानों के लिए बड़ी समस्या हैं। प्रदेश और केंद्र सरकार की ओर से किसानों के लिए मुफ्त और सब्सिडी की तमाम योजनाएं चलाई जाती हैं। लेकिन इससे किसान खुश नहीं। किसानों का कहना है कि हमें मुफ्त में कुछ नहीं चाहिए, बस ऐसे इंतजाम हो जाएं कि जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा हो जाए। खास बात यह है कि जंगली जानवरों की तरफ से किसानों को पहुंचाया जाने वाला नुकसान और उसके लिए उचित कदम उठाने जैसे चुनावी मुद्दे ही नहीं बनते।
विज्ञापन

पथरी के बिशनपुर से लेकर भोगपुर तक गंगा किनारे हाथियों की रोकथाम के लिए सोलर फेंसिंग लगाई गई थी। बिशनपुर, पुरानी कुंडी, टांडा भागमल और भोगपुर में गंगा किनारे जगह-जगह सोलर फेंसिंग को हाथियों ने तोड़ दिया है। इनकी क्वालिटी खराब होने से साल भर भी नहीं चली हैं। दीवार का कहीं निर्माण पूरा नहीं हुआ है तो कई जगहों पर हाथी ने क्षतिग्रस्त कर दी है। क्षेत्र में गंगा किनारे कटारपुर, चांदपुर, फेरुपुर, बिशनपुर, पुरानी कुंडी, नई कुंडी, टांडा भागमल, टांडा मझादा, भोगपुर, रानीमाजरा, शाहपुर, बादशाहपुर आदि स्थानों पर किसानों के खेत हैं। हर साल हाथी, सुअर, नील गाय और अन्य जंगली जानवर फसलों को भारी नुकसान पहुंचाते हैं। किसान संबंधित अधिकारियों से कई बार टूटी सोलर फेंसिंग तारबाड़ को ठीक कराने की मांग कर चुके हैं लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया। चुनाव नजदीक आने पर वोट मांगने वाले नेता आश्वासन तो देते हैं लेकिन चुनाव एजेंडे में किसानों की फसलों की सुरक्षा शामिल नहीं हो पाती है। चुनाव जीतने के बाद जनप्रतिनिधि गांव की तरफ झांकने तक नहीं आते हैं।
पिछले साल गंगा किनारे जगह-जगह सोलर फेंसिंग हुई थी। तारबाड़ कुछ दिन बाद ही टूट गई। इससे गंगा पार से खेतों में हाथी आसानी से घुसने लगे। टूटी तारबाड़ ठीक करवाने में किसी अधिकारी ने रुचि नहीं ली। - किसान पवन सिंह, पुरानी कुंडी
विज्ञापन

गंगा किनारे सोलर फेंसिंग तारबाड़ के लिए करोड़ों का बजट मंजूर हुआ। तारबाड़ के नाम पर सरकारी पैसे की बंदरबांट हुई। इस कमजोर तारबाड़ से कोई फायदा नहीं हुआ। फसलों को हाथियों से बचाने के लिए खेतों में रहकर पहरेदारी करनी पड़ती है। - किसान सुखदेव पाल, बिशनपुर
क्षेत्र में हाथी सबसे ज्यादा फसलों का नुकसान करते हैं। हाथियों को आने से तभी रोका जा सकता है जब उनके लिए जंगल में ही खाने पीने की सुविधा होगी। इस ओर क्षेत्रीय सांसद, विधायक और सरकार एवं वन विभाग को ध्यान देना चाहिए। - किसान मोहित सैनी, रानीमाजरा
जब भी चुनाव आते हैं तब नेता गांवों में वोट मांगने आते हैं। आश्वासन देते हैं कि चुनाव जीतने के बाद हाथियों की रोकथाम के लिए कदम उठाएंगे। नेता चुनाव जीतने के बाद कभी लौटकर नहीं आते। - किसान मांगा राठौर, नई कुंडी
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें