उत्तराखंड वाल्मीकि स्वच्छकार संयुक्त मोर्चा ने सरकार पर मांगों को पूरा नहीं करने और वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए सरकार के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने का एलान किया है।
प्रेस क्लब में पत्रकार वार्ता करते हुए उत्तराखंड वाल्मीकि स्वच्छकार संयुक्त मोर्चे के संयोजक सुरेंद्र तेश्वर और राजेंद्र श्रमिक ने बताया कि 14 सूत्री मांगों को लेकर 20 जुलाई को शहरी विकास मंत्री और 27 जुलाई को प्रदेश के मुख्यमंत्री से वार्ता की थी। वार्ता में अधिकांश मांगों पर सहमति बनने के बाद मुख्यमंत्री व शहरी विकास मंत्री ने जल्द ही शासनादेश जारी करने का आश्वासन दिया था। 5 माह बीतने के बाद अब तक शासनादेश जारी नहीं किया गया।
शहरी विकास मंत्री के आदेश पर शहरी विकास निदेशक की अध्यक्षता में गठित कमेटी की रिपोर्ट पर भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। पांच महीने से सरकार कर्मचारियों को कोरे आश्वासन देेकर टाल रही है। इससे कर्मचारियों में रोष है। इस दौरान अशोक तेश्वर, सुनील राजौर, सुनील बेदी, मुकुल, परवीन, अशोक छाछर, इंदर सिंह, सलेक चंद, बंटी चंचल, प्रमोद बिरला, संजय पेवल, गोवर्द्धन, राजेश खन्ना, सुभाष खैरवाल, कुलदीप कांगड़ा, राजेश खैरवाल, सतीश कुमार आदि मौजूद थे।