- 740 ग्राम चरस के साथ गिरफ्तार हुआ था आरोपी, 20 हजार का जुर्माना भी लगाया
- नौ साल पुराने मामले में कोर्ट ने सुनाई सजा
अदालत से
रोशनाबाद। करीब नौ वर्ष पुराने चरस तस्करी के मामले में विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट की अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए तीन वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर उसे दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन के अनुसार, मामला 28 मई 2017 का है। पुलिस की टीम रामदेव पुलिया के पास चेकिंग कर रही थी। तभी देश रक्षक चौराहे की ओर से बिना हेलमेट बाइक पर आ रहा एक व्यक्ति पुलिस को देखकर भागने लगा। शक होने पर उसकी तलाशी ली गई तो उसके पास से प्लास्टिक के डिब्बे में रखी पन्नी से 740 ग्राम चरस बरामद हुई थी। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम अरविंद निवासी ग्राम बादशाहपुर, थाना पथरी बताया था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मामला दर्ज कर जांच पूरी की गई और आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए स्वतंत्र गवाह नहीं होने का तर्क दिया। वहीं, सरकारी अधिवक्ता ने छह गवाहों के बयान और विधि विज्ञान प्रयोगशाला देहरादून की रिपोर्ट सहित अन्य साक्ष्य अदालत में प्रस्तुत किए। एफएसएल रिपोर्ट में बरामद पदार्थ के चरस होने की पुष्टि हुई। साक्ष्यों के आधार पर विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट राकेश कुमार सिंह की अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।