हरकी पैड़ी पर स्नान करते श्रद्धालु ।
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श्रावण कृष्ण पक्ष एकादशी (कामिका एकादशी) पर्व पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। हजारों श्रद्धालुओं ने कोविड नियमों को दरकिनार करते हुए हरकी पैड़ी पर डुबकी लगाई। अपराह्न तक हरकी पैड़ी क्षेत्र के घाटों पर काफी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। स्नान के बाद श्रद्धालु हरकी पैड़ी क्षेत्र के बाजारों में बिना मास्क घूमते रहे। पुलिस-प्रशासन मूक दर्शक बना रहा।
कोविड संक्रमण की तीसरी लहर की आशंका जताई जा रही है। सरकार ने कांवड़ यात्रा रद्द की है। पुलिस-प्रशासन से कोविड नियमों का सख्ती से पालन करवाने की हिदायत दी गई। जिलाधिकारी विनय शंकर पांडेय की ओर से मंगलवार को पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों से कोविड नियमों के पालन कराए जाने को लेकर दिशा निर्देश जारी किए गए। इसके बाद भी बुधवार को सावन मास की एकादशी (कामिका एकादशी) को हरिद्वार में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी।
हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और यूपी से पहुंचे श्रद्धालुओं ने सुबह से हरकी पैड़ी एवं आसपास के घाटों पर स्नान शुरू कर दिया। सुबह दस बजे से दोपहर 12 बजे तक हरकी पैड़ी पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। पुलिस ने बैरियर तो लगाई थी, लेकिन श्रद्धालु बिना रोकटोक हरकी पैड़ी व आसपास के घाटों पर पहुंचे।
स्टेशन रोड पर लगा जाम
बाहरी राज्यों से श्रद्धालु ट्रेवल्स एजेंसियों की बसों के अलावा रोडवेज बसों और ट्रेनों से हरिद्वार पहुंचे। ट्रेवल्स एजेंसियों की बसें ऋषिकुल ग्राउंड में खड़ी हुई। इनके अलावा ट्रेनों और बसों से उतरने वाले श्रद्धालु आटो, ई-रिक्शा से हरकी पैड़ी तक पहुंचे। इससे स्टेशन रोड पर जाम की स्थिति रही। सवारियां भरने की होड़ में आटो सड़कों पर बेतरतीब खड़े रहे और वहां से गुजरने वाले वाहन चालकों को जाम से जूझना पड़ा।