बंदरों ने दो लोगों को हमला कर घायल कर दिया। घायलों ने निजी अस्पताल में उपचार कराया। बंदरों के हमले से ग्रामीणों में वन विभाग के खिलाफ रोष है। लालढांग व आसपास के गांवों में बंदरों के आतंक से ग्रामीण भयभीत हैं। कई बार वन विभाग को अवगत कराया जा चुका है। इसके बाद भी बंदरों को पकड़ा नहीं जाता है। लालढांग, चमरिया, डालूपुरी, कटेबड़, रसूलपुर गोट में भी बंदरों से ग्रामीण परेशान हैं। घरों में कूदकर बंदर खाने-पीने के सामान को उठाकर ले जाते हैं। महिलाओं को ज्यादा परेशान करते हैं। बुधवार को बंदरों ने हमला करके लालढांग निवासी कुलदीप डबराल व नया गांव निवासी बलबीर सिंह को काटकर घायल कर दिया। दोनों ग्रामीणों पर बंदरों ने उस समय हमला किया, जब वह अपने घर के बाहर खड़े थे। लालढांग रेंज के वन क्षेत्राधिकारी प्रदीप उनियाल ने बताया कि बंदरों के उत्पात को रोकने के लिए समय-समय पर पिंजरे लगाकर वह पकड़े जाते रहे हैं। अब तक सैकड़ों बंदर पकड़े जा चुके हैं।