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Haridwar News: धर्मनगरी में दो कथाकार सुनाएंगे श्रद्धालुओं को कथा

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I- श्रीमद् वाल्मीकीय रामायण कथा पांच जून से प्रेम नगर आश्रम में करेंगे डॉ. रामविलास वेदांती
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I- कनखल में सात जून से शुरू होने वाली कथा में पहुंचेंगे तुलसी पीठ के शंकराचार्य रामभद्राचार्यI

धर्मनगरी में दो कथाकार उतारने की तैयारी अनुयायी कर रहे हैं। प्रेमनगर आश्रम में पूर्व सांसद डॉ. रामविलास वेदांत महाराज की कथा पांच मई से शुरू होने जा रही है। वहीं कनखल स्थित आश्रम में कथा के लिए तुलसी पीठ के शंकराचार्य रामभद्राचार्य के आगमन को लेकर तैयारियां हो रही हैं। एक सप्ताह के दो दिनों के अंतराल दोनों कथा के आयोजन को लेकर समितियों के पदाधिकारियों ने दायित्व भी बांटे हैं।

अयोध्या से श्रीमद् वाल्मीकीय कथा के लिए पहुंच रहे डॉ. रामविलास वेदांत महाराज की कथा की तैयारी के लिए आयोजन समिति के सदस्यों ने 5100 महिलाओं के साथ कलश यात्रा निकालने की तैयारी की है। इसके लिए नगर निगम हरिद्वार क्षेत्र के सभी 60 वार्ड में समिति से जुड़े सदस्यों को जिम्मेदारी दी गई है।
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समिति के सदस्य महिलाओं से प्रपत्र भरवा रहे हैं, जिन पर उनका संपूर्ण विवरण दर्ज किया जा रहा है। महिलाओं को कलश यात्रा में शामिल होने से पूर्व कलश के साथ ही अन्य पूजन की सामग्री भी दी जाएगी। इसके लिए आयोजन समिति के सदस्य सुनील सिंह, सीए आशुतोष पांडये, भाजपा महिला मोर्चा की रंजीता झा, विकास, तरुण शुक्ला व अन्य अभियान चला रहे हैं।

वहीं दूसरी तरफ चित्रकूट से रामकथा के लिए रामानुजार्चा रामभद्राचार्य महाराज कनखल में सात जून को पहुंच रहे हैं। इस आयोजन को लेकर संत समाज और समिति के पदाधिकारी अभियान चला रहे हैं। जनसंपर्क अभियान के दौरान कथा में पूर्ण सहभागिता की अपील की जा रही है।
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Iऋषिकुल घाट से प्रेमनगर आश्रम तक होगी फूलों की वर्षाI



आचार्य डॉ. रामविलास वेदांती महाराज की कथा के लिए आयोजन समिति ने महिलाओं के बड़े समूह के साथ कलश यात्रा की तैयारी की है। सिटी मजिस्ट्रेट प्रशासन से अनुमति के आधार पर ऋषिकुल घाट से प्रेमनगर आश्रम तक जगह-जगह पांडाल लगाए जाएंगे। यहां आयोजन समिति से जुड़े लोग कलश यात्रा में शामिल महिलाओं पर पुष्पवर्षा करेंगे। आयोजकों ने यह भी व्यवस्था की है कि कथा समापन के बाद कलश यात्रा में शामिल महिलाएं अपना कलश सीरियल नंबर के आधार पर प्राप्त कर सकें। कलश यात्रा में आठ घोड़ी बग्गी पर रथ सजेंगे। इस पर धर्मनगरी के संत सवार होंगे और आमजन को आशीर्वचन प्रदान करेंगे।
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