जिला कारागार रोशनाबाद में बंद कैदी जेल की साज-सज्जा कर कुछ न कुछ नया काम कर रहे हैं। आजीवन कारावास की सजा काट रहे एक कैदी ने अपने हाथों से जेल की दीवारों पर देवी-देवताओं और महापुरुषों के चित्र बनाए हैं। कैदी के हाथों की चित्रकारी दीवारों पर देखकर अफसर भी प्रशंसा कर रहे हैं। इससे पहले एक कैदी ने कई महापुरुषों की मूर्तियां बनाई थी।
रोशनाबाद जेल में बंद कैदियों में सकारात्मकता लाने के लिए वरिष्ठ जेल अधीक्षक मनोज कुमार आर्य प्रयास करते रहते हैं। जेल में बैकरी के साथ ही रेडीमेट कपड़े, पैकिंग, फर्नीचर सहित कार्य किए जा रहे हैं। अब सलाखों के पीछे चारों तरफ बनी ऊंची दीवारों को देखकर नकारात्मक छवि मन में न आए इसके लिए महापुरुषों की चित्रकारी खुद एक कैदी ने करनी शुरू कर दी।
जेल अधीक्षक मनोज कुमार आर्य की मानें तो हत्या के मामले में आजीवन की सजा काट रहे कैदी घनश्याम गुप्ता ने करीब दो महीने की मेहनत से देवी देवताओं, महापुरुषों, वीर सैनिकों, चिपको आंदोलन से जुड़े चित्र बनाए हैं। बैरकों को गंगोत्री, यमुनोत्री, मानसरोवर और महिला बैरक को शारदा नाम दिया है। जिससे कैदियों की सोच सकारात्मक बनी रहे है।
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Iअक्सर जेल की ऊंची दीवारें देखकर नकारात्मकता आने से बंदी-कैदियों पर असर पड़ता है। इसलिए जेल प्रशासन के प्रयास से दीवारों पर चित्र बनवाए गए हैं, जिससे सकारात्मक सोच बनी रहे और नकारात्मकता से कैदी दूर रहे। बैरक नंबर एक को मानसरोवर, महिला बैरक को शारदा नाम दिया गया है। -मनोज कुमार आर्य, वरिष्ठ जेल अधीक्षक, जिला कारागार रोशनाबादI