हरिद्वार। बाघों का शिकार करने वाला मुख्य आरोपी आमिर हमजा उर्फ मियां वन विभाग को चकमा देकर कोर्ट में आत्मसमर्पण करने में सफल हो गया है। हालांकि, वन विभाग की ओर से आरोपी को रिमांड पर लेने की तैयारी शुरू कर दी गई है। आरोपी एक सप्ताह से फरार चल रहा था।
18 मई को वन विभाग की ओर से श्यामपुर रेंज की सजनपुर बीट क्षेत्र से दो साल के बाघ नर का शव बरामद किया था। 19 मई को सर्च ऑपरेशन चलाने पर मादा बाघ का शव भी मिला था। इन्हें भैंस के मृत शव पर जहर डालकर मारा गया था, क्योंकि वन गुर्जरों की भैंस का शिकार एक-दूसरे बाघ ने किया था, इसलिए आरोपी वन गुर्जरों ने बदला लेने के लिए बाघों का शिकार किया था।
इस मामले में वन विभाग की टीम ने आलम उर्फ फम्मी पुत्र शमशेर, आशिक पुत्र गामा, जुप्पी पुत्र अल्लू और यूसुफ पुत्र कालू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। लेकिन, मुख्य आरोपी आमिर हमजा उर्फ मियां टीम की गिरफ्त से बाहर चल रहा था।
गिरफ्तारी के डर से उसने अपने वकील के जरिए सीजेएम कोर्ट में सरेंडर की अर्जी दाखिल की। पिछले तीन दिनों से वन विभाग की टीम उसकी घेराबंदी में जुटी थी। कोर्ट परिसर में भी सादे कपड़ों में वनकर्मी तैनात थे।
सोमवार को कोर्ट में आमिर हमजा पहुंचा और वकील के चैंबर में बैठ गया। इस दौरान वनकर्मियों को उसकी भनक लग गई। वनकर्मियों ने उसे गिरफ्तार करना चाहा, लेकिन वकीलों ने ऐसा होने नहीं दिया। इस तरह से उसने कोर्ट में सरेंडर कर दिया और वन विभाग की टीम को आखिरी मौके पर भी चकमा देने में कामयाब रहा। श्यामपुर रेंजर महेश शर्मा ने बताया कि कोर्ट में आत्मसमर्पण करने वाले मुख्य आरोपी को रिमांड पर लिया जाएगा, ताकि उससे पूछताछ कर प्रकरण का खुलासा किया जा सके।