श्री भगवानदास आदर्श संस्कृत महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. निरंजन मिश्र की गिरफ्तारी के विरोध में पूर्व स्नातक परिषद का धरना-प्रदर्शन बारिश के बावजूद जारी रहा। बारिश में भीगते हुए धरना दे रहे लोगों ने प्राचार्य की ससम्मान रिहाई और षड्यंत्रकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
बुधवार को भी महाविद्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन कर रहे लोगों ने महाविद्यालय को बचाने के लिए बरसात में ही मानव श्रृंखला बनाई। धरनास्थल पर डॉ. निरंजन मिश्र के साहित्य की प्रदर्शनी लगाई गई। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि डॉ. मिश्र की ओर से अब तक लगभग दो दर्जन पुस्तकों का प्रणयन किया जा चुका है। जिनमें अनेक महाकाव्य भी शामिल हैं। ऐसे व्यक्तियों को षड्यंत्र के तहत फंसाने का जो काम किया जा रहा है। वह बेहद ही शर्मनाक है। इस मौके पर मुकुल पांडे, नरेश पोखरियाल, लक्ष्मण रिजाल, सुनील गहतोड़ी, लक्ष्मण कुकरेती, दीक्षित दुर्गापाल, ज्योति चौधरी, सौरभ जोशी, आशीष जोशी, सतीश पनेरू, नवीन प्रसाद, दीपक पांडे, दीपक सेमवाल, कमल गहतोड़ी आदि मौजूद रहे।