उत्तराखंड एसटीएफ ने पुरानी करेंसी के बदले नए नोट बदलने वाले गिरोह को पकड़कर सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से चार करोड़ से अधिक की नकली करेंसी बरामद की गई है। सभी नोट बंद हो चुके 500 और 1000 के हैं। रकम कहां से आई, इसको लेकर ज्वालापुर कोतवाली में देर रात तक आरोपियों से पूछताछ जारी रही। एसटीएफ ने आयकर विभाग को भी इसकी जानकारी दी है।
एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह के मुताबिक, एसटीएफ को हरिद्वार में पुरानी करेंसी के बदले नए नोट बदलने की सूचना मिल रही थी। एसटीएफ ने आरोपियों की धरपकड़ के लिए जाल बिछाया। शनिवार देर शाम एसटीएफ के इंस्पेक्टर अब्दुल कलाम की अगुवाई में टीम ने मध्य हरिद्वार की एक कॉलोनी में छापा मारकर सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से नोटबंदी से पहले चलने वाले करीब करीब चार करोड़ रुपये के पुराने नोट बरामद हुए।
देर रात तक रकम की गिनती का कार्य चला। गिरफ्तार आरोपियों में तीन स्थानीय और चार उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद और अमरोहा जिले के निवासी हैं। पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह आरबीआई के किसी अधिकारी के संपर्क में था, जिसकी मदद से वह पुरानी करेंसी बदलने की फिराक में था।
बताया जाता है कि पांच करोड़ की पुरानी करेंसी के एवज में एक करोड़ की नई करेंसी मिलनी थी। आरोपियों को करेंसी बदलवाने के एवज में कमीशन मिलना था। आरोपियों की पहचान रुपेश वालिया निवासी जगजीतपुर, यशवीर सिंह निवासी हरिपुर कलां, हरिद्वार, अरविंद वर्मा निवासी ग्राम काला कुआं, अमरोहा, आबिद अली निवासी ग्राम सैदपुर नौगांव सादात, अमरोहा, सोमपाल सिंह निवासी रेलवे स्टेशन रोड, बिलारी, मुरादाबाद, विकास गुप्ता निवासी खेड़ी खुर्द, श्यामपुर ऋषिकेश, राजेंद्र निवासी शास्त्री स्टेशन रोड बिलारी, मुरादाबाद के रूप में हुई है।