हरिद्वार। जिला मुख्यालय से सटी 10 सरकारी व प्राइवेट कॉलोनियां अब नगर पालिका शिवालिक नगर का हिस्सा होंगी। शासन ने रोशनाबाद पुलिसलाइन सहित करीब साढ़े पांच हजार की आबादी वाली सीमावर्ती कालोनियों को पालिका में शामिल करने के लिए हरी झंडी दे दी है। दायरा बढ़ने से पालिका 11 वार्डों के बजाय अब 14 वार्डों वाली होगी। जल्द वार्डों की कांट छांटकर परिसीमन का काम शुरू किया जाएगा।
भेल से सटे शिवालिक नगर को अलग नगर पंचायत या पालिका का दर्जा दिए जाने की मांग लंबे समय से चल रही थी। कई सरकारें आने- जाने के बाद 14 फरवरी 2014 को शिवालिक नगर अलग नगर पालिका बना दी गई। अभी तक पालिका में शिवालिक नगर के अलावा टिहरी विस्थापित कालोनी, सुभाषनगर के अलावा रामधाम व गंगानगरी कालोनी के रूप में रावली महदूद और सलेमपुर का आंशिक क्षेत्र शामिल किया गया था। पालिका की आमदनी बढ़ाने के लिए औद्योगिक क्षेत्र सिडकुल व आसपास की अन्य कालोनियों को भी पालिका में जोड़ने की मांग की जा रही थी। लेकिन औद्योगिक क्षेत्र पालिका में शामिल नहीं हो पाया। अलबत्ता आसपास के 10 कालोनियां पालिका में जरूर जुड़ गई। अभी तक पालिका की आबादी 27 हजार थी अब बढ़कर 32.5 हजार हो गई है। पिछली आबादी के हिसाब से पालिका को 11 वार्डों में बांटा गया था, अब नई आबादी जुड़ने से बराबर जनसंख्या के लिहाज से पालिका को करीब 14 वार्डों में विभाजित किया जाएगा।
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यह कालोनियां हुई पालिका में शामिल
पालिका में अब पुलिस लाइन रोशनाबाद, दीप गंगा अपार्टमेंट, कलेक्ट्रेट आवासीय कालोनी, दर्शन नगर, देव नगर, गंगानगरी, कृपाल नगर, वाल्मीकि बस्ती, रामधाम कालोनी को पूरी तरह और जमालपुर खुर्द को आंशिक तौर पर शामिल कर लिया गया है।
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पूरी होंगी बुनियादी जरूरतें
पालिका का दायरा बढ़ने से जहां नई कालोनियों से हाउस टैक्स के रूप में राजस्व बढ़ेगा। वहीं इन कालोनियों में भी विकास हो सकेगा। नगर पालिका में शामिल अधिकतर कालोनियां ऐसी हैं जो अलग राज्य बनने और जिला मुख्यालय की नींव पड़ने के साथ सृजित हुई थी। करीब 15 वर्षों से इन कालोनियों के बाशिंदे सीवर, सड़क, नालियां, स्ट्रीट लाइट जैसी बुनियादी सुविधाओं को तरस रहे हैं। इसके बावजूद पालिका में जुड़ते ही इन कॉलोनियों में जमीन के भाव बढ़ने तय हैं।
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बजट का इंतजार, विकास की उम्मीद
दो साल पहले वजूद में आई पालिका शिवालिक नगर को अभी तक का समय बजट के इंतजार में गुजर गया। संसाधनों की कमी का हाल यह है कि पालिका फिलहाल बिना हाथ-पांव जैसी है। पालिका को न सरकार से बजट मिला है और न ही वह खुद की आमदनी के साधन जुटा पा रही है। लंबे समय से पालिका बनाने की मांग करने वाले तमाम नेताओं में श्रेय लेने की तो होड़ मची लेकिन पालिका की बदहाली देखने वाला कोई नहीं है। बहरहाल पुरानी जनसंख्या के साथ साथ अब पालिका में शामिल हुई नई आबादी में भी विकास की उम्मीद जग है
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सीमावर्ती कॉलोनियों को पालिका में शामिल कर लिया गया है। जनसंख्या बढ़ने से वार्ड भी बढ़ाए जाएंगे। जल्द ही सर्वे कर वार्डों के परिसीमन का काम शुरू कराया जाएगा।
गुरमीत सिंह, प्रभारी अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका शिवालिक नगर