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पंतद्वीप पार्किंग में हिस्सेदारी को लेकर टकराव

Sat, 09 Jul 2016 11:48 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला हरिद्वार
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पंतदीप - फोटो : अमर उजाला
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हरिद्वार। हरकी पैड़ी के पास अपस्ट्रीम में पंतद्वीप वाहन पार्किंग से होने वाली करोड़ों की आय में हिस्सेदारी को लेकर सिंचाई विभाग और नगर निगम में टकराव की स्थिति है। दोनों पक्ष अपने-अपने दावे पर अड़े हुए हैं। सिंचाई विभाग निगम को पार्किंग के ठेके की आय में से 50 प्रतिशत राशि देने को बिलकुल भी तैयार नहीं है।
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हिस्सेदारी नहीं देने पर नगर निगम ने सिंचाई विभाग के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। इस पर हाईकोर्ट ने सिंचाई सचिव को इस प्रकरण के निस्तारण करने का आदेश दिया था। शुक्रवार को सिंचाई सचिव ने देहरादून में दोनों पक्षों की दलीलों को सुना और निर्णय सुरक्षित रखा। अब सचिव के निर्णय की दोनों पक्ष प्रतीक्षा कर रहे हैं। नगर आयुक्त विप्रा त्रिवेदी ने बताया कि हमने निगम की स्थिति से अवगत करा दिया है। सचिव का निर्णय क्या आता है इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी। जबकि सिंचाई खंड हरिद्वार के उप राजस्व अधिकारी एनएस कुंडरा नगर निगम की दावेदारी को गैरवाजिब मानते हैं।
इनसेट
इसलिए खड़ा हुआ विवाद
उत्तर प्रदेश के समय सिंचाई विभाग की जमीन पर वाहन पार्किंग का ठेका पालिका करती थी। दोनों में तय था कि पालिका 50 प्रतिशत राशि सिंचाई विभाग देगी। उसके बाद पालिका अध्यक्ष व सभासद गुट पार्किंग का ठेका लेने को लेकर भिड़ गए थे। विवाद ने इतना तूल पकड़ा कि तत्कालीन पालिकाध्यक्ष ने ‘न तेरी न मेरी, न खाएंगे और न खाने देंगे’ की नीति अपनाते हुए पार्किंग का संचालन की व्यवस्था सिंचाई विभाग को लौटा दी। वर्ष 2004 तक सिंचाई विभाग पार्किंग को ठेका करती रही। लेकिन लाइट, पानी और सफाई आदि की व्यवस्था को लेकर बढ़ती शिकायतों के बाद तत्कालीन डीएम ने व्यवस्था बनाई कि ठेका सिंचाई विभाग ही देगा और ठेके की कुल आय की 50 प्रतिशत राशि पालिका को दी जाएगी। ताकि सफाई व्यवस्था की समस्या न रहे। लेकिन डीएम की इस व्यवस्था का पालन सिंचाई विभाग नहीं कर रहा है। इसीलिए निगम को हाईकोर्ट की शरण में जाना पड़ा है।
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कोट
नगर निगम क्षेत्र में पार्किंग, बाजार व मेलों आदि की व्यवस्था करने का अधिकार नगर निगम का है। इसलिए डीएम ने व्यवस्था बनाई थी। हम अपना अधिकार मांग रहे हैं। जिसकी जमीन है वह जमीन का किराया निगम से मांग सकता है। पार्किंग की अंदर सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है। पार्किंग होने से पूरा क्षेत्र प्रभावित होता है। स्ट्रीट लाइट, घाटों की सफाई, शौचालय की व्यवस्था भी निगम करता है।
विप्रा त्रिवेदी, नगर आयुक्त
कोट
सचिव ने जो हमसे पूछा हमने बता दिया है। पार्किंग में लाइट, पानी व सफाई की व्यवस्था करना ठेकेदार की जिम्मेदारी है यह बात अनुबंध में है। नगर निगम सिंचाई विभाग की भूमि पर कांवड़ बाजार लगाता है और रोड़ी बेलवाला में दुपहिया वाहनों की पार्किंग कराने के साथ तहबाजारी का भी ठेका देता है। जबकि जमीन का स्वामित्व सिंचाई विभाग का है इसलिए हमने निगम के दावे का विरोध किया है।
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एनएस कुंडरा, उप राजस्व अधिकारी, सिंचाई खंड
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