जल संस्थान इन दिनों बकाया भुगतान और अवैध कनेक्शनों के खिलाफ अभियान चला रहा है। गरीबों की बस्तियों में तो अधिकारी बिना नोटिस के ऐसे कनेक्शनों को काट रहे, लेकिन बड़ों पर मेहरबान बने हैं। बकाया वसूली में भी विभाग का यही हाल है। यही कारण है कि विभाग का बकाया 25 करोड़ से पार पहुंच गया है।
हरिद्वार में पेयजल के अवैध कनेक्शनों की संख्या हजारों में है। बिना टैक्स देकर पानी पीने वालों में गरीब ही नहीं अमीर लोग भी शामिल हैं। इन रसूखदारों को राजनीतिक संरक्षण भी प्राप्त होता है। मार्च महीना होने के कारण जल संस्थान ने कई दिनों से बकाया वसूली और अवैध कनेक्शनों के खिलाफ अभियान चलाया हुआ है। बस्तियों में अवैध कनेक्शन और बिल का भुगतान नहीं करने पर अधिकारी सख्त नजर आते हैं। गरीब लोगों के कनेक्शन काटने के बाद नोटिस थमाए जाते हैं, लेकिन जब बारी अमीरों की आती है तो अधिकारियों का रवैया बदल जाता है। ऐसा ही रविवार को देखने को मिला।
रविवार को जल संस्थान के सहायक अभियंता संजय सैनी ने चंद्राचार्य चौक रानीपुर मोड़ के आसपास एक होटल सहित पांच बड़े प्रतिष्ठानों के अवैध जल संयोजन पकड़े। उन्हें नोटिस देकर अवैध जल संयोजन को नियमित कराने के लिए चार दिन का वक्त दे दिया। यदि किसी गरीबों का अवैध जल संयोजन पकड़ा जाता है तो पहले विभाग उसे काटता है और फिर नियमित करवाने के लिए चक्कर कटवाता है।
आश्रम में भी हैं अवैध संयोजन
जल संस्थान के रिकार्ड में कई आश्रम, होटल, दुकानों और अन्य बड़े प्रतिष्ठानों में अवैध जल संयोजन हैं। एक आयुर्वेद भवन, मोबाइल शोरूम, आटो शोरूम, गोविंदपुरी में होटल और शंकर आश्रम के पास एक मिष्ठान भंडार सहित दो प्रतिष्ठान के अवैध जल संयोजन पकड़े गए हैं। कई सरकारी विभाग भी मुफ्त में पानी पी रहे हैं।
1800 जल संयोजन किए नियमित
बकाया वसूली और अवैध जल संयोजनों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। ज्वालापुर में 751 सहित शहरी क्षेत्र में 1800 जल संयोजनों को नियमित किया गया है। 31 मार्च तक शहरी क्षेत्र में लगभग 12 करोड़ की वसूली का लक्ष्य है। जिसमें से लगभग 10 करोड़ रुपये की वसूली की प्राप्त कर ली गई है। इसके बावजूद जल संस्थान का बकाया बढ़कर 25 करोड़ 11 लाख पहुंच चुका हैं। इसको कम करने के लिए भी वसूली अभियान चलाया जाएगा।
- मनीष सेमवाल, अधिशासी अभियंता जल संस्थान।