आय से अधिक संपत्ति के मामले में फंसे प्रदेश के रिटायर्ड आयकर आयुक्त श्वेताभ सुमन ने हरिद्वार जिला कारागार में सरेंडर कर दिया है। हाईकोर्ट के सजा बरकरार रखने के फैसले से राहत पाने के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचे श्वेताभ सुमन को झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने विशेष अनुमति याचिका को खारिज करते हुए जेल में सरेंडर करने के आदेश दिए थे।
आय से अधिक संपत्ति के मामले में श्वेताभ सुमन वर्ष 2019 में अंतरिम जमानत पर जिला जेल से रिहा हुए थे। हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए 5 मार्च 2022 को श्वेताभ सुमन, उनके साथ मामले में फंसे डॉ. अरुण कुमार सिंह और राजेंद्र विक्रम सिंह के बेल बांड खारिज करते हुए हिरासत में लेने के आदेश दिए थे। हाईकोर्ट के इस आदेश के खिलाफ श्वेताभ सुमन ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए विशेष अनुमति याचिका दाखिल की थी, लेकिन कोर्ट ने 22 अप्रैल को विशेष अनुमति याचिका खारिज करते हुए 23 मई तक जेल में सरेंडर के आदेश दिए थे।
श्वेताभ सुमन ने शुक्रवार शाम सात बजे हरिद्वार जेल पहुंचकर सरेंडर कर दिया। जेल अधीक्षक मनोज आर्य ने बताया कि सरेंडर के बाद उन्हें बैरक में शिफ्ट कर दिया गया है। उन्हें सामान्य कैदियों के साथ रखा गया है, उन्होंने किसी तरह की दिक्कत नहीं बताई है।