रेलवे ने कार्यरत और सेवानिवृत्त कर्मचारियों व अधिकारियों को आपातकालीन इलाज की व्यवस्था में राहत दी है। कर्मचारी रेलवे के सूचीबद्ध निजी अस्पताल में भर्ती होकर अपना इलाज करवा सकेंगे। कर्मियों को रेलवे अस्पताल से रेफर करवाने की आवश्यकता नहीं होगी। हरिद्वार, लक्सर नजीबाबाद में तैनात रेल कर्मचारियों को एम्स ऋषिकेश और मेट्रो अस्पताल सिडकुल में इलाज की सुविधा मिलेगी।
रेलवे अस्पतालों में सीमित चिकित्सा सुविधाएं हैं। इमरजेंसी होने पर मरीज को सूचीबद्ध निजी अस्पताल में ले जाने के लिए रेफर की औपचारिकता करनी पड़ती है। अब रेलवे ने अपने कर्मचारियों के आकस्मिक स्थिति में शीघ्र व समुचित इलाज व जांचों के लिए मुरादाबाद रेल मंडल में प्राइवेट अस्पतालों, डायग्नोस्टिक सेंटर तथा लैबों को पैनल में शामिल किया है।
इस योजना के तहत देहरादून स्टेशन के अंतर्गत कनिष्क हास्पिटल, कृष्णा हास्पिटल व कैलाश हास्पिटल, हरिद्वार, लक्सर व नजीबाबाद स्टेशन पर तैनात कर्मचारियों के लिए एम्स ऋषिकेश व मेट्रो अस्पताल सिडकुल में उपचार मिल सकेगा।
उत्तर रेलवे मुरादाबाद रेल मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक कोचिंग सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि रेलवे लाभार्थियों को पैथोलरॅजी और रेडियोलॉजी जांचों की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए भी मंडल स्तर पर प्राइवेट डायग्नोस्टिक सेंटर, इमेजिंग सेंटर व लैबों को रेलवे पैनल में शामिल किया गया है।
उन्होंने बताया कि देहरादून, हरिद्वार, लक्सर, नजीबाबाद, हापुड़, बरेली, चंदौसी, शाहजहांपुर, रोजा और बालाम के कर्मचारियों के लिए चिकित्सीय जांचों की सुविधा शीघ्र ही इन अस्पतालों में शुरू हो जाएगी।