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बिजली कर्मचारियों को धमकाया, हंगामा

Thu, 19 Jan 2017 10:39 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
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मध्य हरिद्वार में बकायेदार का कनेक्शन काटने गई ऊर्जा निगम की टीम को एक नेता के समर्थक ने खरी खोटी सुनाई। इतना ही नहीं बाद में मोबाइल पर बात होने पर चुनाव संपन्न होने तक क्षेत्र में दिखाई न देने तक की धमकी दे डाली। जिसको लेकर संविदा कर्मी लामबंद हो गए और यूनियन कार्यालय पर बैठक कर आक्रोश जताया। कार्रवाई की मांग को लेकर अधिशासी अभियंता को पत्र भी दिया गया है।       

ऊर्जा निगम ने इन दिनों बकायेदारों के खिलाफ अभियान छेड़ा हुआ है। बिल जमा न कराने वाले बड़े बकायेदारों के कनेक्शन काटे जा रहे हैं। वहीं असुविधा से बचने के लिए कुछ बकायेदार मौके पर ही बिल भी जमा करा रहे हैं। ऊर्जा निगम की एक टीम बृहस्पतिवार को मध्य हरिद्वार की खन्नानगर, आवास विकास, विवेक विहार, विकास कालोनी, न्यू हरिद्वार में बकायेदारों के घर-घर जाकर दस्तक दे रही थी। इस बीच एक बकायेदार का कनेक्शन काटने के दौरान स्थानीय नेता का समर्थक टीम से उलझ गया। कर्मचारियों ने बकाया जमा कराने को कहा। नेता समर्थक का कहना था कि बिल जमा कराने के लिए रकम किसी को दी हुई है। हंगामा होने पर टीम वापस लौट आई। इस बीच नेता ने ऊर्जा निगम के एक जूनियर इंजीनियर को फोन किया और अभद्रता करते हुए चुनाव होने तक क्षेत्र में न आने की धमकी दी। अभियंता ने आला अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। वहीं टीम में शामिल संविदा कर्मी इकट्ठा होकर नगर निगम परिसर स्थित यूनियन कार्यालय पहुंच गए। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष अशोक टंडन व अन्य नेताओं को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी।  
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सूचना मिलने पर बड़ी संख्या में संविदा कर्मी यूनियन कार्यालय पहुंचे और घटना पर आक्रोश जताते हुए कार्रवाई की मांग की। इस बाबत अधिशासी अभियंता को शिकायत भी दी गई। वहीं अधिशासी अभियंता विरेंद्र सिंह पंवार का कहना है कि अवर अभियंता की ओर से ऐसी कोई जानकारी नहीं मिली है। संविदा कर्मी यदि लिखित शिकायत करते हैं तो जांच कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।      
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दो तरफा पिस रहे संविदा कर्मी      
बकायेदारों पर कार्रवाई के लिए क्षेत्र में घूम रही टीमों में अधिकांश संविदा कर्मी हैं। अक्सर ऐसा भी होता है जब राजनीतिक दबाव से बचने के लिए सिर्फ संविदा कर्मियों को ही आगे कर दिया जाता है। अधिकारियों के साफ निर्देश है कि बिल जमा न करने वाले बकायेदारों के तत्काल कनेक्शन काटे जाएं। कर्मचारी कनेक्शन काटने जाते हैं तो बकायेदार हेकड़ी दिखाते हैं। चुनाव का मौसम होने के चलते हर तीसरा बकायेदार नेताओं से संपर्क साधता है। सिफारिश लगाने या अन्य कोई रास्ता निकालने पर कर्मचारियों को कुछ देर में ही कनेक्शन जोड़ने का आदेश मिलता है। दोबारा कर्मचारी जब बकायेदार के घर पहुंचते हैं तो पहले से ज्यादा गुस्सा झेलना पड़ता है। 
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