न्यायालय ने नाबालिग के साथ छेड़छाड़ करने व पोक्सो एक्ट के अंतर्गत मामले में सुनवाई करते हुए दोषी पाए जाने पर विशेष न्यायाधीश अंजुश्री जुयाल ने आरोपी को तीन वर्ष के कारावास व 20 हजार हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
शासकीय अधिवक्ता कुशलपाल सिंह चौहान ने बताया कि पीड़िता के पिता ने कोतवाली रुड़की में एक अप्रैल-2015 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। वादी ने पीरू पुत्र अलताफ निवासी ग्राम जौरासी थाना सिविल लाइन रुड़की पर वादी की छह साल की पुत्री के साथ छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया। वादी ने तहरीर देकर बताया था कि आरोपी पीरू उनकी बेटी को सुनसान स्थान पर ले गया और उसके साथ गलत नियत से छेड़छाड़ करने लगा। इस दौरान घटनास्थल पर पीड़िता के गांव का एक युवक आ गया था। जिसे देखकर आरोपी वहा से भाग गया था। उक्त घटना पीड़िता ने अपने माता-पिता को बताई थी। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने पीरू पुत्र अलताफ के खिलाफ नाबालिग के साथ छेड़छाड़ करने व पोक्सो एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से सात गवाह पेश किए गए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश ने पीरू पुत्र अलताफ को नाबालिग के साथ छेड़छाड़ करने व पोक्सो एक्ट आदि धाराओं में दोषी पाते हुए तीन वर्ष के कारावास व 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।