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अग्निपथ योजना के विरोध में युवाओं को भड़काने का हो रहा काम: चौबे

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राष्ट्रीय परशुराम परिषद की ओर से हरिद्वार में भगवान श्री परशुराम के व्यक्तित्व, उनकी जन्मभूमि, उनकी कर्मभूमि और तपोभूमि आदि विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय विद्वत संत समागम कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें पहुंचे केंद्रीय वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री अश्वनी कुमार चौबे ने कहा कि कुछ लोग अग्निपथ योजना के विरोध में युवाओं को भड़काने का प्रयास कर रहे हैं। ये लोग युवाओं के कंधे पर बंदूक रखकर अपनी रोटियां सेकने का काम कर रहे हैं।
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अवधूत मंडल आश्रम में राष्ट्रीय परशुराम परिषद की ओर से दो दिवसीय भगवान श्री परशुराम राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी एवं संत समागम का आयोजन किया जा रहा है। राष्ट्रीय परशुराम परिषद के संस्थापक संरक्षक पंडित सुनील भराला ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए बताया कि संगोष्ठी का उद्देश्य भगवान परशुराम के बारे में फैली भ्रांतियों को दूर करना है। हमेशा से एक दुष्प्रचार किया गया कि भगवान परशुराम ने 21 बार पृथ्वी को क्षत्रियों से विहीन किया, लेकिन यह कदापि सत्य नहीं है। एक और जटिल प्रश्न भगवान परशुराम की जन्मस्थली को निर्धारित करना भी है। इन सभी प्रश्नों का उत्तर राष्ट्रीय संगोष्ठी में सभी को मिलेगा। केंद्रीय मंत्री अश्वनी कुमार चौबे ने कहा कि अग्निपथ को लेकर की जा रही हिंसा में राजनीतिक बू आ रही है। अग्निपथ योजना को लेकर हिंसा फैलाने वाले लोगों के मुखौटे धीरे-धीरे सामने आ रहे हैं। हमें विश्वास है कि जब हम अग्निपथ योजना को अच्छी तरह जानेंगे और समझेंगे तो इसका विरोध नहीं करेंगे। किसी भी समस्या का समाधान हिंसा में नहीं है। हमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर विश्वास है। वह देश के समग्र विकास के लिए ही कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भगवान विष्णु के अवतार के रूप में जन्म लेकर भगवान परशुराम ने मानव समाज के उत्थान और कल्याण के अनेक कार्य किए। इस दौरान अजय भारद्वाज, जेपी शर्मा, प्रेम शंकर पांडेय, शशि भूषण सिंह, डॉ. दिनेश कुमार गर्ग, राम अवतार शर्मा, अनिल झा और बलदेवानंद सागर मौजूद रहे।
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