- हरिद्वार और रुड़की के सरकारी अस्पतालों में तैनात है एकमात्र त्वचा रोग विशेषज्ञ
- सोमवार से बुधवार तक रुड़की और बृहस्पतिवार से शनिवार तक हरिद्वार में ओपीडी
बसंत कुमार
हरिद्वार। जिला अस्पताल हरिद्वार, मेला अस्पताल और संयुक्त चिकित्सालय रुड़की में केवल एक त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुज सैनी के होने से मरीजों को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान व्यवस्था के तहत मरीजों को सप्ताह में केवल तीन दिन ही उपचार की सुविधा मिल रही है जबकि बाकी दिनों में उन्हें इंतजार करना पड़ता है या बिना इलाज के लौटना पड़ता है।
जिले के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी के बीच डॉ. अनुज सैनी ने अक्तूबर 2025 में जिला अस्पताल हरिद्वार में कार्यभार संभाला था। फरवरी 2026 तक वह केवल जिला अस्पताल में त्वचा रोगियों का उपचार कर रहे थे। वहीं, संयुक्त चिकित्सालय रुड़की में विशेषज्ञ की कमी से मरीजों को हो रही परेशानी को देखते हुए मार्च 2026 से उन्हें सप्ताह में तीन दिन रुड़की में भी सेवाएं देने के आदेश जारी किए गए। निर्धारित व्यवस्था के अनुसार डॉ. अनुज सैनी सोमवार, की मंगलवार और बुधवार को संयुक्त चिकित्सालय रुड़की में ओपीडी होती है। इस दौरान हरिद्वार के मरीजों को त्वचा रोग विशेषज्ञ नहीं मिल पाता। वहीं बृहस्पतिवार, शुक्रवार और शनिवार को वह जिला अस्पताल हरिद्वार में मरीजों का उपचार करते हैं, जिससे उन दिनों रुड़की के मरीज विशेषज्ञ सेवा से वंचित रह जाते हैं।
पिछले पांच माह से यही व्यवस्था लागू है। एक ही विशेषज्ञ पर तीन सरकारी अस्पतालों की जिम्मेदारी होने के कारण दोनों शहरों के मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा है और कई मरीजों को बिना इलाज के बैरंग लौटना पड़ रहा है।
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हर दिन देख रहे 70 से 100 मरीज
- त्वचा रोग विशेषज्ञ डा. अनुज सैनी ने बताया कि हरिद्वार जिला चिकित्सालय में औसतन एक दिन में 80 से 90 मरीज आते हैं, जबकि, रुड़की संयुक्त चिकित्सालय में भी 70 से 80 मरीज देख रहे हैं। उन्होंने बताया कि मरीजों को देखकर सलाह और दवाइयां दी जा रही हैं।
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शासन से त्वचा रोग विशेषज्ञ समेत रिक्त पदों के लिए डॉक्टरों की तैनाती की मांग की गई है। डॉक्टर मिलने पर उन्हें अस्पतालों में नियुक्त किया जाएगा। उम्मीद है कि जल्द डॉक्टर भी मिलेंगे।
डाॅ. आरके सिंह, सीएमओ, हरिद्वार
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