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..तो नगर निगम से कोई दस्तावेज नहीं हुए गायब

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नगर निगम कार्यालयों के रविवार को ताले टूटने की वारदात के बाद हर तरफ फाइलों के गायब होने की चर्चाएं हैं लेकिन निगम अधिकारियों का दावा कि है कि कोई भी फाइल गायब नहीं हुई है। निगम के सभी अनुभागों से रिपोर्ट ली गई है। किसी भी कार्यालय की कोई फाइल गायब नहीं है। हैरत की बात है कि पुलिस ने अब तक रिपोर्ट दर्ज नहीं की है। हालांकि सफाई कर्मचारी संगठन ने मामले की जांच की मांग उठाई है।
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नगर निगम में रविवार देर रात चोरों ने धावा बोल दिया था। नगर आयुक्त, सहायक नगर आयुक्त, टैक्स और लेखा अनुभाग समेत पांच कार्यालयों के ताले चटकाकर अलमारियों के ताले तोड़कर दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ की गई। सीसीटीवी में चोर नगर आयुक्त के कार्यालय में अंदर कंप्यूटर और एलसीडी के साथ ही एसी को खोलने का प्रयास करता दिख रहा है। एसी न खुलने के बाद एलसीडी लेकर निकल जाता है। दूसरे कार्यालयों में केवल दस्तावेजों को खंगाला गया जबकि अन्य सामान ज्यो का त्यो रखा था।
नगर आयुक्त दयानंद सरस्वती का कहना है कि सभी अनुभागों से रिपोर्ट ली गई है। कोई दस्तावेज, फाइल गायब नहीं हुई है। सिर्फ एलईडी चोरी हुई है। मामले में उस रात ड्यूटी पर तैनात चौकीदार सुनीत कुमार को सस्पेंड कर दिया गया है। निगम की सुरक्षा के लिए पीआरडी के दो जवान और एक नए चौकीदार की ड्यूटी लगाई गई है। पुलिस को तहरीर दे दी गई थी। अब आगे की कार्रवाई पुलिस करेगी।
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दो लोगों ने की वारदात
कार्यालयों में अंदर घुसने वाला एक ही व्यक्ति सीसीटीवी में दिख रहा है। अंदर आने के बाद वह फिर बाहर निकलता है। जिससे साबित हो रहा है कि बाहर उसका कोई साथी निगरानी में खड़ा था।
निगम के ताले टूटने की हो एसआईटी जांच
नगर निगम में पूर्व में गायब हुई फाइलें और वर्तमान में फिर से चोरों के दस्तावेज खंगालने के मामले में अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस ट्रेड यूनियन ने एसआईटी जांच की मांग उठाई है।
प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र तेश्वर और महामंत्री राजेंद्र श्रमिक ने कहा कि पूर्व में आचार्य बालकृष्ण के जन्म प्रमाण पत्र से संबंधित दस्तावेज की फाइल, कंप्यूटर गायब, ऊषा ब्रेको, आवास और संपत्ति से जुड़ी फाइलें गायब हुई थीं। आज तक भी इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। मामला ठंडे बस्ते में चला गया। इसके पीछे जरूर किसी का हाथ है। एसआईटी से इसकी जांच कराई जाए।
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