- आसपास के कई गांवों की आबादी निर्भर, प्रसव के लिए जाना पड़ता है 8 से 15 किलोमीटर दूर
संवाद न्यूज एजेंसी
बहादराबाद। सुमन नगर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में प्रसव की सुविधा नहीं होने से क्षेत्र की गरीब और मध्यमवर्गीय आबादी को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने पीएचसी में जल्द प्रसव की व्यवस्था शुरू कराने की मांग की है।
सुमन नगर पीएचसी पर केवल सुमन नगर ही नहीं, बल्कि आसपास के कई गांवों की बड़ी आबादी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए निर्भर है। ग्रामीणों के मुताबिक गढ़, गढ़मीरपुर, राजपुर, सलेमपुर, गोविंदपुर और दादूपुर आदि गांवों के लोग उपचार के लिए पीएचसी पहुंचते हैं। प्रतिदिन करीब 90 से अधिक मरीज यहां उपचार के लिए आते हैं। इसके बावजूद पीएचसी में प्रसव की सुविधा नहीं होने से गर्भवती को परेशानी उठानी पड़ रही है।
आपातकालीन स्थिति में प्रसव के लिए महिलाओं को करीब 8 से 15 किलोमीटर दूर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बहादराबाद या जिला महिला अस्पताल ले जाना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार दूरी और संसाधनों की कमी के कारण महिलाओं को समय पर उपचार नहीं मिल पाता।
ऐसे में मजबूरी में कई परिवारों को निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है, जिससे उन पर आर्थिक बोझ भी पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि सुमन नगर पीएचसी में जल्द प्रसव की सुविधा शुरू कर दी जाए तो क्षेत्र की महिलाओं को बड़ी राहत मिल सकती है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से जल्द समस्या का समाधान कराने की मांग की है।
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क्या कहते हैं लोग
पीएचसी में प्रसव की व्यवस्था न होने से क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को सरकारी स्वास्थ्य सेवा का लाभ नहीं मिल रहा है। केंद्र पर अगर प्रसव की व्यवस्था हो जाए तो समस्या दूर हो जाएगी। - राहुल सिंह
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सरकार की ओर से सरकारी अस्पताल बनाया गया है तो सुविधाएं भी दी जाएं, ताकि गर्भवती महिलाओं को निजी अस्पतालों में जाने से पीछा छूट जाए। सरकार को प्रसव के लिए व्यवस्था करनी चाहिए। - रेखा सिंह
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गांव की महिलाएं जांच के लिए तो सुमन नगर पीएचसी आती हैं, लेकिन प्रसव के समय उन्हें 10-15 किलोमीटर दूर अस्पताल ले जाना पड़ता है। गरीब परिवारों के लिए यह बहुत मुश्किल होता है। - कीर्ति मालिक
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आपातकाल में गर्भवती महिला को दूर ले जाना बहुत जोखिम भरा होता है। कई बार वाहन भी समय पर नहीं मिलता। ऐसे में सुमन नगर पीएचसी में प्रसव केंद्र होना बहुत जरूरी है। - मोनिका
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मामला संज्ञान में है। पीएचसी केंद्रों को डिलीवरी प्वाइंट के रूप में चिह्नित कर प्रसव केंद्र की सुविधा शुरू करने पर विचार किया जाएगा। - डाॅ. आरके सिंह, सीएमओ हरिद्वार